चित्रकूट में आजादी के 79 वर्ष बाद भी पक्की सड़क को तरस रहे ग्रामीण, चारपाई पर ढोए जा रहे मरीज
चित्रकूट के मानिकपुर ब्लॉक के जिल्ला पुरवा के ग्रामीण आजादी के 79 साल बाद भी पक्की सड़क से वंचित हैं। ...और पढ़ें
-1793026136767_m.webp)
यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
जिल्ला पुरवा के 600 ग्रामीण 79 साल से सड़क विहीन।
45 लाख की स्वीकृत सड़क खेत मालिकों के विरोध से रुकी।
मरीजों को चारपाई पर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है।
संवाद सूत्र, मानिकपुर (चित्रकूट)। आजादी के 79 वर्ष बाद भी मानिकपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत गढ़चपा के मजरा जिल्ला पुरवा के करीब 600 ग्रामीण पक्की सड़क की राह देख रहे हैं। लगभग 600 की आबादी वाले इस मजरे तक पहुंचने के लिए आज भी खेतों की मेड़ों और कच्ची पगडंडियों का सहारा लेना पड़ता है।
लोक निर्माण विभाग से वर्ष 2024 में 45 लाख रुपये की लागत से सड़क स्वीकृत हुई थी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद करीब 400 मीटर तक मिट्टी डाली गई, लेकिन खेत मालिकों के विरोध के चलते आगे का काम रोक दिया गया। ऐसे में सड़क निर्माण के लिए स्वीकृति मिलने के बावजूद ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा नहीं मिल सकी।
जंगल और पहाड़ियों से घिरे जिल्ला पुरवा के ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य गढ़चपा मार्ग से जिल्ला पुरवा होते हुए दानों बाबा और छेरिहाई तक पहले कच्चा संपर्क मार्ग था। सड़क बनने की उम्मीद में ग्रामीणों को लगा था कि अब पुरवा तक पहुंचना आसान हो जाएगा, लेकिन जमीन को लेकर विवाद के कारण निर्माण अधूरा रह गया। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विभाग की टीम सरकारी जमीन की जांच करे तो आम रास्ते की संभावना तलाशने में मदद मिल सकती है।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
गांव के मुख्य मार्ग से जिल्ला पुरवा तक के लिए 2024 में लोक निर्माण विभाग से 45 लाख रुपये से सड़क बनने की स्वीकृत मिला गई थी। और करीब 400 मीटर तक में मिट्टी का काम भी हुआ हैं। लेकिन आगे खेत मालिकों ने विरोध करते हुए बंद कर दिया हैं। जिसे अभी तक भी एक किलोमीटर की दूरी पगडंडी से तय करनी पड़ती है। बरसात में रास्ते पर कीचड़ और फिसलन होने से पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है।-विजय सिंह किसान
पुरवा तक बाइक और ट्रैक्टर तक नहीं पहुंच पाते। विद्यार्थियों को स्कूल जाने, किसानों को खेतों तक पहुंचने और ग्रामीणों को रोजमर्रा का सामान लाने में परेशानी उठानी पड़ती हैं।- चुनबद्दी
जब किसी की तबीयत बिगड़ जाती है। तो उस समय मरीज को गोद में उठाकर या चारपाई में लेकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है।- गंगा प्रसाद
गांव के लोगों का कहना है कि कई वर्षो से सड़क की मांग की जा रही है अगर चुनाव के पहले सडक नहीं बनाया गया तो गांव के लोग प्रधानी चुनाव में इसका विरोध भी करेंगे- भैरमा यादव
जिल्ला पुरवा के लिए रास्ता नहीं बना है। ये मार्ग पीडब्लूडी से स्वीकृत हुआ था। काश्तकारों के विरोध के कारण रास्ता नहीं बन पा रहा।- दिनेश कुमार सचिव
