जागरण संवाददाता, चित्रकूट : महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित महिला समाख्या द्वारा बाल विवाह रोको अभियान का बुधवार को समापन किया गया। आयोजित संगोष्ठी में अभियान को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई।

बुधवार को मुख्यालय स्थित सदर ब्लाक सभागार में आयोजित संगोष्ठी में नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि महिला समाख्या द्वारा बाल विवाह रोको अभियान चलाया जा रहा है। इससे समाज में जागरुकता आएगी । कहा कि बाल विवाह रोकना हम सबका कर्तव्य है क्योंकि इससे आने वाली पीढि़यां बचा पाएंगे। उप मुख्य चिकित्साधिकारी एस एन मिश्रा ने महिलाओं के हित में स्वास्थ्य विभाग से चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। महिला एवं बाल अधिकार मंच के क्रियान्वयन में अपना सहयोग प्रदान करने की बात कही।

जिला विद्यालय निरीक्षक जितेंद्र यादव ने कहा कि पहले शादी के बाद 5 से 7 वर्ष बाद ही विदाई होती थी। पहले के बुर्जुगों की मानसिकता थी कि विवाह तो कम उम्र में हो जाए लेकिन विदाई तभी हो जब लड़का-लड़की का पूर्ण शारीरिक रुप से विकास हो जाए। परंतु इससे बाल विवाह की समस्या का निदान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक अभिशाप है एवं कानूनी रुप से अपराध है परंतु हमारे समाज में आज भी बाल विवाह हो रहे हैं। हम सबका दायित्व है कि इस कुरीति को रोकने के लिए आगे आयें तथा इस बुराई को रोकने के लिए मिलकर कदम बढ़ाये जिससे बाल विवाह पर अंकुश लगाया जा सके। इसी के साथ ग्राम पंचायत स्तर पर गठित होने वाले महिला एवं बाल अधिकार मंच के बारे में बताया गया कि यह मंच महिला बच्चों एवं किशोरियों को विभिन्न प्रकार की ¨हसा से संरक्षण प्रदान करेगा एवं उनको विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास करेगा। इस मौके पर रुचि, प्रेमलता, ऊषा, अजीत, सुरेंद्र राजकरण तथा अन्य कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी मऊ की किशोरियों द्वारा बाल विवाह पर प्रस्तुत नाटक तथा पुष्पलता द्वारा गाया गीत सराहनीय रहा है।

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