जागरण संवाददाता, चकिया (चंदौली) : जनकपुर माइनर से पानी न मिलने से नाराज किसानों ने गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ता संग सिचाई विभाग परिसर में धरना दिया और नारेबाजी की। चेतावनी दी माइनर में जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो वे सड़क पर आंदोलन करेंगे।

वक्ताओं ने कहा कि जनकपुर माइनर पर 27 गांवों के सैकड़ों किसानों की हजारों हेक्टेयर भूमि की सिचाई व्यवस्था निर्भर है। बावजूद इसके सिचाई विभाग गैर जिम्मेदार बना हुआ है। कागजों पर 15 दिन से माइनर संचालित है, लेकिन टेल तक पानी जाने को कौन कहे अभी तक शुरुआती गांव तक भी पानी नहीं पहुंच सका है। कारण माइनर का तटबंध, कुलावा, छलका पूरी तरह ध्वस्त पड़ा है। किसानों ने आरोप लगाया कि कागजों पर माइनर दुरुस्त कर दिया गया है, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल परे है। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये माइनर मरम्मत के नाम पर हजम कर लिया गया है। लिखित शिकायत के बाद भी जांच पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।

आज तक माइनर को दुरुस्त कर पानी टेल तक पानी पहुंचाने का कार्य नहीं किया जा सका। किसानों के धरना प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही सहायक अभियंता अपराजिता सिंह व जेई मनिराज यादव पहुंच गए। आक्रोशित किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया। आश्वासन दिया दो दिन में माइनर का पानी टेल तक पहुंचा दिया जाएगा। बंधी प्रखंड के खिलाफ रिष्टि गांव के किसानों ने किया प्रदर्शन

जागरण संवाददाता, सकलडीहा (चंदौली) : लेहरा-मनिहरा ड्रेन की खोदाई के दौरान दो माह पूर्व रिष्टी गांव में ड्रेन पर बनी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिया की मरम्मत अब तक न होने से रिष्टि व आसपास के गांवों की पांच सौ बीघा धान की रोपी गई फसल जलमग्न हो गई है। आक्रोशित किसानों ने गुरुवार को बंधी प्रखंड के खिलाफ प्रदर्शन किया। डीएम से बंधी प्रखंड विभाग के अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। चेताया शीध्र ही समस्या का समाधान और किसानों को मुआवजा न मिला तो किसान चक्काजाम करेंगे।

किसानों की समस्या को देखते हुए पिछले दिनों बंधी प्रखंड विभाग ने लेहरा-मनिहरा ड्रेन की खोदाई कराई थी। 15 मई को रिष्टि गांव में जर्जर पुलिया को मरम्मत के लिये तोड़ा गया था लेकिन मरम्मत नही की गई। आक्रोशित किसानों ने इसकी शिकायत विभागीय अधिकारी सहित एसडीएम से की। अधिकारियों की उदासीनता से नाराज किसानों ने बंधी प्रखंड सहित एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। जिला प्रशासन से जलमग्न हुई फसल का मुआवजा, पुलिया की यथाशीघ्र मरम्मत और बंधी प्रखंड के ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।