जासं, चकिया (चंदौली) : यूपी बोर्ड परीक्षा की शुरुआत को गिने-चुने दिन शेष हैं। नकल विहीन परीक्षा कराने को माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 30 ¨बदुओं की गाइड लाइन जारी की है। केंद्रों के साथ विभाग स्तर पर तैयारियों को अमलीजामा पहनाया जा रहा। उत्तर पुस्तिकाओं और प्रश्न पत्रों को केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा में रखा गया। ट्रायल के तौर पर बोर्ड परीक्षार्थियों की उपस्थिति भेजने की व्यवस्था सभी केंद्रों पर लागू की गई है।

जिले के 95 परीक्षा केंद्रों पर सात फरवरी से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू होंगी। परिषद ने इस बार सख्ती से परीक्षा कराने को कई बदलाव किए। परीक्षा के दौरान बीच में परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिकाएं जमा कर बाहर नहीं जा सकेंगे। कक्ष निरीक्षक परीक्षा अवधि की समाप्ति पर एक साथ सभी परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करेंगे। उपस्थिति एप से हाजिरी सीधे बोर्ड को भेजी जाएगी। बीते साल कुछ केंद्रों ने सीधे बोर्ड को परीक्षार्थियों के उपस्थिति का विवरण भेजा था। सफल प्रयास के बाद बोर्ड ने इस बार परीक्षा में सभी केंद्रों के लिए यह व्यवस्था की है। इसके पहले डीआइओएस कार्यालय को परीक्षार्थियों की उपस्थिति भेजी जाती थी। जानकारों का मानना कि उपस्थित रिपोर्ट में गड़बड़ी के चलते कई विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होने के बाद भी अनुपस्थित हो जाते थे। ऐसे में उनका परिणाम रुक जाता और इसे दुरुस्त कराने को उन्हें बोर्ड का चक्कर काटना पड़ता था।

संवेदनशील केंद्रों पर कड़ी निगहबानी

विभाग के मुताबिक, शासन व परिषद संवेदनशील केंद्रों पर कड़ी निगरानी को लेकर गंभीर है। 15 परीक्षा केंद्र संवेदनशील एवं 12 अति संवेदनशील की श्रेणी में हैं। यहां स्टेटिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कॉपियों व प्रश्न पत्रों के बंडल खोले जाएंगे। परीक्षार्थियों की गहन जांच के बाद परीक्षा कक्षों में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। सुरक्षा को पुलिस बल रहेगी।

'परिषद की गाइड लाइन की सभी केंद्राध्यक्षों को जानकारी दी गई है। परीक्षा कराने की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। केंद्रों पर नकल विहीन एवं सकुशल कराने के लिए चाक चौबंद व्यवस्था रहेगी।

- डा. विनोद राय, जिला विद्यालय निरीक्षक

Posted By: Jagran

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