जागरण संवाददाता, चंदौली : हमेशा रौब झाड़ने वाली खाकी अब अनाथ बच्चों को ढूंढ रही। कोरोना काल में माता-पिता को गंवाने वाले बच्चों की तलाश में अभिभावक की भूमिका अदा कर रही। चाइल्ड लाइन व प्रोबेशन विभाग के साथ महकमा इस मुहिम में जुट गया है। अनाथ बच्चों को चिह्नित कर उन्हें रिश्तेदारों के यहां आश्रय दिलाया जा रहा। वहीं जिन बच्चों के पास कोई आसरा नहीं, उनके पुनर्वास, शिक्षा-दीक्षा आदि की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए जिला स्तरीय समिति की जिम्मेदारी तय की गई है। शासन के फरमान के बाद जिलाधिकारी दो बार इसको लेकर बैठक कर निर्देशित भी कर चुके हैं। इसके बाद अमला और सक्रिय हो गया है। अब तक जिले में पांच अनाथ बच्चे चिह्नित किए जा चुके हैं, जिनके माता-पिता दोनों अथवा किसी एक की कोरोना की वजह से मौत हुई। कोरोना जनजीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हुआ। न जाने कितनी जिदगियां कालकवलित हो गईं। वहीं शिक्षा व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हैं। बहुत से बच्चे माता-पिता को खोकर अनाथ हो गए। ऐसे बच्चों की परवरिश का बीड़ा सरकार ने उठाया है। उनके पुनर्वास, शिक्षा-दीक्षा के साथ ही रहन-सहन की व्यवस्था की जाएगी। सभी जिलों से ऐसे बच्चों को चिह्नित कर रिपोर्ट मांगी गई है। इसके लिए पुलिस, चाइल्ड लाइन व प्रोबेशन समेत तीन विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में अब तक पांच अनाथ बच्चे चिह्नित किए जा चुके हैं। स्थानीय स्तर पर उनके पुनर्वास की व्यवस्था कराई गई है। पुलिस विभाग पूरी ऊर्जा के साथ इस काम में लगा है। अनाथ बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है। लोग अपने आसपास इस तरह के बच्चों की सूचना पुलिस को दे सकते हैं। पुलिस अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अनाथ बच्चों के पुनर्वास की व्यवस्था कराएगी। ------- 'शासन के निर्देशानुसार अनाथ बच्चों के बारे में पता लगाया जा रहा है। यदि इस तरह के बच्चों की जानकारी हो तो लोग पुलिस को सूचित कर सकते हैं। अनाथ बच्चों की देखभाल और पुनर्वास की व्यवस्था कराई जाएगी।

दयाराम, एएसपी

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