जागरण संवाददाता, इलिया (चंदौली) : कोरोना संक्रमण से इन दिनों मोक्ष की राह मुश्किल हो गई है। इससे परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संक्रमण से मौत के बाद कर्मकांड की सभी आवश्यक क्रियाएं कराने के लिए परिजनों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कर्मकांडी ब्राह्मण संक्रमण की बढ़ती चेन को देखते सुरक्षा घेरे में आ गए हैं। कर्मकांड के लिए घर- घर जाने में संक्रमित होने का खतरा पुरोहितों को सता रहा है। वही मृत्यु दर बढ़ जाने के चलते कर्मकांड कराने वाले ब्राह्मण भी नहीं मिल पा रहे हैं। क्षेत्र में कोरोना से लगभग 20 लोगों की जान जा चुकी है। पौराणिक मान्यता है कि मृत्यु के बाद पूरे विधि-विधान से कर्मकांड करवा दिया जाए तो मरने वाले की आत्मा को शांति तो मिलती है, साथ ही परिवार में भी सुख-शांति बनी रहती है। कोरोना से हो रही मौत के बाद संक्रमण को देखते हुए कर्मकांडी ब्राह्मण फिलहाल कर्मकांड करवाने से परहेज कर रहे हैं।