जागरण संवाददाता, ताराजीवनपुर (चंदौली) : टड़िया गांव के सिवान में बुधवार को 30 वर्षीय युवक का शव बंसवार में एक बांस के सहारे लटकता मिला। युवक की शिनाख्त अमृतपुर बघौलीयां गांव के नरेंद्र चौहान के रूप में हुई है। ग्रामीण शव मिलने की भनक पर कांप उठे। पुलिस शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई में जुट गई है। युवक की मौत को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

नौगढ़ थाना क्षेत्र के अमृतपुर बघौलीयां गांव निवासी नरेंद्र चौहान (30) ककरही कला गांव में अपने साढ़ू तेन¨सह चौहान के यहां दो दिन पूर्व इलाज कराने को अपने ससुर देवकिशुन के साथ आए थे। बुधवार को  बीएचयू में एक चिकित्सक को उन्हें दिखाना था। वह मंगलवार की रात शौच को घर से निकले तो वापस नहीं लौटे। परिजन खोजबीन को निकले तो कोई सुराग नहीं लगा। परेशान होकर यूपी 100 पुलिस को जानकारी दी। बुधवार की सुबह टड़िया गांव के निकट सिवान स्थित बंसवार में एक बांस के सहारे उनका फंदे से लटकता शव मिला। हो-हल्ला मचा तो परिजनों को भनक लगते देर नहीं लगी। मां शारदा देवी, बहन शिव कुमारी, पत्नी कलावती का रोकर बुरा हाल हुआ था।

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एकलौता था नरेंद्र, बुझ गया चिराग

ताराजीवनपुर : दिवंगत वनकर्मी रामकेश चौहान का एकलौता पुत्र था नरेंद्र। रामकेश की मौत दो वर्ष पूर्व ही हुई थी। परिजन उस गम को ठीक से भुला भी नहीं पाए थे कि नरेंद्र भी दुनिया से चल बसा। परिवार मां शारदा देवी को पिता की जगह मिली नौकरी से चलती है। शारदा बेटे के सहारे ही ¨जदगी काट रहीं थी कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। नरेंद्र की शादी छह वर्ष पूर्व चकिया के छित्तमपुर गांव निवासी देवकिशुन की पुत्री कलावती से हुई थी। दंपती को दो मासूम पुत्र हैं।

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