जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली): नगर में डेंगू, मलेरिया के बढ़ते प्रकोप से आमजन भी चिता में पड़ने लगे हैं। इसमें नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आने लगी है। नगर में चरमराई साफ सफाई व्यवस्था को लेकर नपा का सफाई अमला भी रूचि नहीं दिखा रहा है। फागिग मशीनों का धुआं स्प्रे सिर्फ कागजी कार्यवाही तक ही सीमित है। बद से बदतर हो चुकी सफाई व्यवस्था को लेकर ब्लीचिग पाउडर का नियमित रूप से छिड़काव कराना पालिका ठीक नहीं समझ रही है। अधिकारी केवल दवा छिड़काव व फागिग कराने का दावा कर रहे हैं लेकिन, धरातल पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। जबकि जिलाधिकारी ने बैठककर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है। इसके बाद भी नगर क सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर पालिका जिले का सबसे बड़ी पालिका मानी जाती है लेकिन, दिन के भीड़ भाड़ के बाद यहां की शाम और रात लोगों के लिए परेशानी भरी होती है। मच्छरों का प्रकोप इस प्रकार है कि आप खुले में कुछ देर तक बैठ नहीं सकते। कमरे के अंदर मच्छर भगाने की वैकल्पिक व्यवस्था न हो तो रात में सोना भी दूभर होगा। नगर पालिका के अधिकारी भी कम नहीं है। वह भी दवा का छिड़काव इस प्रकार करते हैं कि अफसर जान जाएं कि नगर पालिका ने फागिग कराई गई है। तेज रफ्तार में धुंआ उड़ाते गाड़ी आई और चली गई। उनका भी कोरमपूरा और अधिकारी भी जान गए कि फागिग कर दी गई लेकिन, मच्छर हैं कि यह मानते ही नहीं की फागिग की जा चुकी है। अधिकांश वार्डों में न तो समय पर सफाई कर्मचारी पहुंचता है और न ही नाली व तालाब से गंदगी हटी है। इसके कारण मच्छरों का प्रकोप पढ़ रहा है। रात के समय तो कहीं पर राहत ही नहीं, यदि चंद मिनट के लिए पंखे बंद हो जाएं या फिर मच्छर भगाने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था न हो तो रहना मुस्किल है। कहने को तो नगर पालिका क्षेत्र में दवा का छिड़काव हुआ है लेकिन, इस दवा का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इसके पीछे माना जा रहा है कि वाहन केवल और केवल अफसरों के दरवाजे पर ही अधिक ध्यान दे रहा है। अन्य स्थानों पर धुआं उड़ाते हुए वाहन तेजी से गुजर गया। ऐसे में मच्छर मरे ही नहीं, जो अब परेशानी का कारण बने हैं।

वर्जन..

रोस्टर वाइज वार्डों में दवा का छिड़काव व फागिग कराई जा रही है। खुली नालियों में भी दवा का छिड़काव हो रहा है। कृष्णचंद्र, अधिशासी अधिकारी, पीडीडीयू नगर पालिका परिषद

Edited By: Jagran