जागरण संवाददाता, चंदौली : जिले में संचालित गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे करने के साथ ही स्थलीय जांच की गई है। सर्वे में 18 मदरसे चिह्नित करने के बाद टीम स्थलीय सत्यापन करने में जुटी है। जांच में टीम को मदरसों में सुविधाओं की कमी मिल रही है। शासन के निर्देश पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जिले में संचालित मान्यता प्राप्त, अनुदानित मदरसों पर मौजूद सुविधाओं के साथ गैर मान्यता प्राप्त संचालित मदरसों की जांच पूरा कर लिया है।

जांच पूरी करने के लिए डीएम के निर्देश पर तहसीलवार तहसीलदार व बीईओ तो जिले में बीएसए, एसडीएम व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की टीम गठित की गई थी। इन्हें शासन की ओर से निर्धारित 14 बिंदुओं पर जांच करनी थी। टीम ने जिले में बिना मान्यता संचालित मदरसों को चिह्नित किया है।

इन मदरसों की जांच करा ली गई है। पीडीडीयू नगर, चकिया तहसील में अधिकांश मदरसा बिना मान्यता के संचालित होते पाए गए हैं। जांच के दौरान मदरसों में प्रसाधन, विद्युत, फर्नीचर व सफाई समेत कई अन्य अवस्थापना सुविधाओं की कमी मिली है। टीम मदरसों की जांच में मिली कमियां व आय से जुड़ी कोई भी जानकारी अधिकृत रूप में देने को तैयार नहीं है।

अधिकांश मदरसों में सिर्फ धार्मिक शिक्षा दिए जाने के तथ्य सामने आए

जांच के लिए गठित टीम को सत्यापन के दौरान मदरसे का नाम, संचालन करने वाली संस्था का नाम, स्थापना वर्ष, मदरसे की अवस्थिति का संपूर्ण विवरण, मदरसे में विद्यार्थी सुरक्षा के प्रबंध, भवन, पेयजल, प्रसाधन, फर्नीचर, विद्युत व प्रसाधन, विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षकों की संख्या, मदरसे में लागू पाठ्यक्रम, आय का स्रोत, क्या मदरसे के विद्यार्थी अन्य स्कूल में नामांकित हैं, जिस गैर सरकारी समूह व संस्था से मदरसे की संबद्धता है, उसका विवरण आदि बिंदुओं पर जांच करनी थी। इनमें व्यापक पैमाने पर कमी मिली है। अधिकांश मदरसों में सिर्फ धार्मिक शिक्षा दिए जाने के तथ्य सामने आए हैं।

जिलाधिकारी के जरिए शासन को जांच आख्या भेजी जानी है

बिना मान्यता के संचालित सभी मदरसों की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की संस्तुति के साथ जिलाधिकारी को एक-दो दिन में भेज दी जाएगी। जिलाधिकारी के जरिए शासन को जांच आख्या भेजी जानी है।

- सुधांशु शेखर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।

Edited By: Saurabh Chakravarty

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