चंदौली में डीडीयू जंक्शन पर 250 जवानों के हवाले 20 हजार यात्रियों की सुरक्षा, चलती ट्रेन में दो हत्याओं के बाद जागा रेल प्रशासन
हाल की घटनाओं के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। अब 250 जवान 20 हजार यात्रियों ...और पढ़ें

चंदौली के डीडीयू जंक्शन पर 250 जवानों की तैनाती, यात्रियों की सुरक्षा अब अभेद्य।
HighLights
250 जवान करेंगे 20 हजार यात्रियों की सुरक्षा।
केवल दो प्रवेश द्वार, आरपीएफ-जीआरपी की संयुक्त निगरानी।
चलती ट्रेनों में भी बढ़ेगी सुरक्षा, डॉग स्क्वायड तैनात।
जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर हाल के घटनाक्रमों के बाद रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अभेद बनाने की कवायद तेज कर दी है। मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना के निर्देश पर स्टेशन परिसर से लेकर प्लेटफार्म और ट्रेनों तक सुरक्षा का नया खाका तैयार किया गया है।
इसके तहत जंक्शन पर प्रतिदिन लगभग 20 हजार यात्रियों की सुरक्षा के लिए 250 जवानों की तैनाती की जाएगी। जवानों की ड्यूटी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में लगाई जाएगी। ताकि चौबीसों घंटे निगरानी बनी रहे। रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों के लिए केवल दो प्रवेश द्वार ही अधिकृत रहेंगे। सर्कुलेटिंग एरिया से लेकर प्लेटफार्म तक हर गतिविधि पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त नजर रहेगी। यदि कोई व्यक्ति अन्य किसी रास्ते से स्टेशन परिसर में प्रवेश करता पाया गया तो उसे अनाधिकृत माना जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध व्यक्तियों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। स्टेशन पर यात्रियों और उनके सामान की जांच के लिए आरपीएफ को 10 हैंड मेटल डिटेक्टर उपलब्ध कराए गए हैं। प्रवेश द्वारों पर यात्रियों के लगेज की तलाशी भी अनिवार्य की जाएगी। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इससे अवैध हथियार, विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री स्टेशन तक पहुंचने से पहले ही पकड़ी जा सकेगी। रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किया है।
प्लेटफार्म पर तैनात जवानों के अलावा चलती ट्रेनों में भी अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। विशेष रूप से रात के समय लंबी दूरी की ट्रेनों में आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। इसके लिए विशेष सुरक्षा टीमों का गठन किया गया है। जंक्शन परिसर में अब शस्त्र क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) और डॉग स्क्वायड लगातार गश्त करेंगे।
क्यूआरटी को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखा गया है। वहीं डॉग स्क्वायड प्लेटफार्म, प्रतीक्षालय, पार्सल घर और सर्कुलेटिंग एरिया में संदिग्ध वस्तुओं की जांच करेगा। रेल अधिकारियों के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि किसी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तत्काल आरपीएफ अथवा जीआरपी को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
