नहीं रहे श्रीराम मंदिर आंदोलन के बाद पहली बार भाजपा का परचम लहराने वाले विधायक राजेश बहेलिया
भाजपा के पूर्व विधायक राजेश बहेलिया का 66 वर्ष की आयु में हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे ...और पढ़ें

चकिया के पूर्व भाजपा विधायक राजेश बहेलिया का निधन, राम मंदिर आंदोलन से जुड़ाव।
HighLights
पूर्व भाजपा विधायक राजेश बहेलिया का 66 वर्ष में निधन।
चकिया सुरक्षित सीट से दो बार विधायक रहे थे।
राम मंदिर आंदोलन के समय पहली बार विधायक बने।
जागरण संवाददाता (चकिया) चंदौली। विधानसभा क्षेत्र (383 सुरक्षित) से दो बार विधायक रहे भाजपा के पूर्व विधायक राजेश बहेलिया का रविवार की देर रात हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे 66 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को बढी संख्या में कार्यकर्ताओ सहित शुभचिंतक उनके आवास पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
पूर्व विधायक राजेश बहेलिया कोतवाली क्षेत्र के मगरौर गांव के निवासी थे। उनके अंतिम संस्कार से पूर्व उप जिलाधिकारी विकास मित्तल और पुलिस क्षेत्राधिकारी अजीत सिंह चौहान की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी गई। राजेश बहेलिया सरल स्वभाव और संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे।
वर्ष 1991 में अयोध्या राम मंदिर आंदोलन के दौर में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार चकिया सुरक्षित विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद वर्ष 1993 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर दोबारा जीत हासिल कर विधायक बने। लंबे समय तक उन्होंने पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहकर कार्य किया।
उनके निधन से भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों में गहरा दुख व्याप्त है। पूर्व विधायक के परिवार में पत्नी आभा बहेलिया, जो शहाबगंज ब्लॉक की दो बार ब्लाक प्रमुख रह चुकी हैं, तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। वे चार भाइयों में सबसे बड़े थे।
उनके निधन की खबर लगते ही केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फोन से परिवार को ढाढस बढ़ाया। उनके अंतिम शव यात्रा में विधायक कैलाश आचार्य, पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव, राणा प्रताप सिंह आदि जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए।
