जासं, चंदौली : बोर्ड परीक्षा में शुचिता बनाए रखने को भले ही तामझाम बांधे गए लेकिन व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है। नक्सल क्षेत्र में जिन परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बनाया गया था वहां सुरक्षा के नाम पर कोरमपूर्ति की गई है। मात्र एक-एक पुलिस कर्मी वहां ड्यूटी बजा रहे। विभाग की इस व्यवस्था की लोग खिल्ली भी उड़ा रहे कि विभाग की नजरों में ये केंद्र इतने संवेदनशील हैं तो यहां सुरक्षा का इंतजाम क्यों नहीं। जबकि अन्य जनपदों में परीक्षा व्यवस्था तार-तार होने लगी है।

बोर्ड परीक्षा में नकल पर नकेल कसने को दस केंद्रों को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया तो 25 केंद्र संवेदनशील बनाए गए है। ये वे केंद्र हैं जो बार्डर क्षेत्र के हैं। वहीं कुछ वे केंद्र भी हैं जो पूर्व में नकल के मामले में चिन्हित हुए थे। इन केंद्रों पर पर्यवेक्षक के साथ एक-एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट लगाया गया है। वे परीक्षा में पूरे समय बैठकर व्यवस्था को टाइट किए हैं। प्रशासनिक व्यवस्था तो इन केंद्रों पर टाइट है लेकिन सुरक्षा के नाम पर कोरमपूर्ति ही हुई है। अन्य केंद्रों की तरह इन सेंटरों पर भी एक-एक पुलिस कर्मी वह भी डंडे के साथ ड्यूटी बजा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है।

-----------------

तकनीक से जुड़े हैं केंद्र

इस बार की यूपी बोर्ड परीक्षा में केंद्रों को तकनीक से जोड़ा गया है। पूर्व के वर्षों में केंद्रों पर सीसी कैमरे, वायस रिकार्डर आदि लगाए गए थे। लेकिन इस बार केंद्रों पर राउटर का भी इंतजाम किया गया है। ये केंद्र पूरी तरह से लाइव हो गए हैं। इन केंद्रों में चल रही परीक्षा की गतिविधियां कंट्रोल रूम में देखी जा रही है। वहीं प्रदेश स्तर से भी कंट्रोल के साथ-साथ केंद्रों की स्थिति पर आन लाइन नजर है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस