जागरण संवाददाता, चंदौली : जनवरी में सर्दी चरम पर पहुंच गई है। सोमवार को शीतलहर और ठंड से जनमानस ठिठुर गया। पश्चिम दिशा से चलने वाली बर्फीली हवा के चलते पारा लुढ़ककर सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सुबह व रात के वक्त कोहरे से राहगीरों को काफी परेशानी हुई। अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञानियों के अनुसार फिलहाल दो-तीन दिनों तक ठंड से निजात नहीं मिलेगी।

पिछले दिनों पुरवा हवा की वजह से तापमान बढ़ा था। इससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली थी। हालांकि शनिवार से ही मौसम बदला। आसमान साफ होने के साथ ही कड़ाके की ठंड लोगों को बेहाल करने लगी है। पश्चिम दिशा की ओर से बर्फीली हवा चल रही है। सोमवार को 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। इससे तापमान काफी नीचे लुढक गया। कोहरे और धुंध के साथ सुबह हुई और लोग रजाई से बाहर निकले को गलन व ठंड से सिहर उठे। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं, दलहनी व तिलहनी फसलों के लिए मौसम अनुकूल है, लेकिन आलू में पाला लग सकता है। इससे पत्तियां सूखकर पौधों के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। इससे बचाव के लिए किसानों को सिचाई करनी होगी। ठंड और गलन जनजीवन के लिए भी भारी पड़ रही है। जिला अस्पताल में सर्दी, जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोजाना ओपीडी में दर्जनों लोग पहुंच रहे हैं। मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं है। पश्चिमी हवा की वजह से पारा 10 डिग्री के नीचे रहने की उम्मीद है। वहीं कोहरे का भी असर रहेगा। इससे लोगों को दिक्कत हो सकती है। उन्होंने किसानों को फसल की सही ढंग से देखभाल की सलाह दी है। पशुपालक पशुओं के ठंड से बचाव के इंतजाम करें।

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