जागरण संवाददाता, चंदौली : बड़े शहरों की तर्ज पर अब गांवों को भी स्वच्छता रैं¨कग मिलेगी। सरकार अपने स्तर से गांव-गांव टीम भेजकर सर्वे करा रही है। स्वयं ग्रामीण, ग्राम प्रधान भी अपने गांव की स्थिति एसएसजी-18 ऐप पर डाल सकते हैं। देश में पहली बार इस तरह का सर्वेक्षण हो रहा है। इस रैं¨कग में जो गांव अव्वल आया उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुरस्कृत करेंगे। इस तरह दें गांव का फीड बैक

गांव की स्वच्छता रैं¨कग में स्कूल, आंगनबाड़ी की स्थिति, शौचालय निर्माण के साथ उसका कितने प्रतिशत उपयोग हो रहा। साफ-सफाई, साक्षरता का प्रतिशत, नौकरी, रोजगार से जुडे़ लोगों की संख्या, लोगों का रहन-सहन, सरकार की योजनाओं का कितने लोग लाभ उठा रहे। गांव की आबादी, क्षेत्रफल, सड़क, पेयजल की स्थिति की जानकारी देनी है।

एसएसजी-18 एप करें इंस्टाल

गांव का कोई भी जागरूक या संभ्रांत नागरिक गूगल प्ले स्टोर से एसएसजी-18 ऐप इंस्टाल कर लें। ऐप खोलने के बाद जितने भी ¨बदु दिए गए हैं उन्हें ऐप में फीड कर दें। ध्यान यह रहे कोई भी जानकारी गलत न हो। क्योंकि स्वच्छता सर्वेक्षण टीम से यदि ग्रामीणों द्वारा भरी गई इंट्री मेल नहीं खाएगी तो रिजल्ट शून्य ही आएगा। स्वच्छता टीम भी कर रही सर्वे

जिले में मंगलवार से भारत सरकार की स्वतंत्र टीम का सर्वे शुरू हो गया है। पहले चरण में टीम के तीन सदस्य एक सप्ताह तक गांवों में घूमकर निर्धारित प्रारूप के हिसाब से एक-एक ¨बदु चेक करेंगे। वे ग्रामीणों से संपर्क कर सरकार की चल रही योजनाओं की जानकारी लेने के साथ लाभार्थियों से भी बात करके प्रारूप पर अपना अभिमत देंगे। 'भारत सरकार की स्वतंत्र टीम जिले में सर्वे कर रही है। टीम के लोग विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, शौचालय, पेयजल, सड़कों की स्थिति देखने के साथ ग्रामीणों से भी बात करेंगे। जिले के सभी गांवों में यह सर्वे होगा। देश के सभी गांवों की रिपोर्ट पहुंचने पर स्वच्छता की रैं¨कग मिलेगी।

उमाशंकर मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी

Posted By: Jagran

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