चंदौली में गन हाउस से संदिग्धों को बेचे गए एक हजार से अधिक कारतूसों का नहीं मिला हिसाब
चंदौली में लाइसेंसी शस्त्र दुकानों और कारतूस बिक्री में बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में 1,000 से अधिक कारतूस ...और पढ़ें

चंदौली में गन हाउस पर बड़ा खुलासा, संदिग्धों को बेचे गए हजारों कारतूसों पर नहीं हुई कार्रवाई।
HighLights
चंदौली में गन हाउसों पर कारतूस बिक्री में अनियमितताएं उजागर।
संदिग्धों को 1000 से अधिक कारतूस बेचे गए, फर्जी बिक्री का खुलासा।
जांच रिपोर्ट के बावजूद, दोषियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं।
जागरण संवाददाता, चंदौली। लाइसेंसी शस्त्र दुकानों और कारतूस खरीद-बिक्री में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं उजागर हुई थीं। डीआइजी वैभव कृष्ण के निर्देशन में 20 जनवरी 2026 से चंदौली में चलाए गए अभियान में दो वर्षों (एक जनवरी 2024 से 20 जनवरी 2026) के कारतूस बिक्री रिकार्ड का व्यापक सत्यापन किया गया था।
जांच में चंदौली गन हाउस द्वारा 1,061 कारतूस संदिग्ध लोगों को बेचे गए थे जबकि मालती गन हाउस में भी फर्जी बिक्री मिली थी। इसमें एक लाइसेंसी द्वारा 399 कारतूस नियम विरुद्ध खरीदे गए और 88 लाइसेंस धारकों पर कार्रवाई की रिपोर्ट डीएम के यहां भेजी गई थी। मार्च में भेजी गई रिपोर्ट पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। कार्रवाई की फाइल पर धूल जम गई तो गन हाउस संचालक इसका हिसाब नहीं दे सके।
चार टीमों की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट पर एक नजर
जीएस गन हाउस, पड़ाव-मुगलसराय में शस्त्र लाइसेंसधारी मोहम्मद कल्लू, निवासी बड़गांव, थाना शहाबगंज ने अपने शस्त्र लाइसेंस पर 12 बोर के लिए कम अवधि में 160 कारतूस खरीदे थे। इसी तरह वीर गन हाउस, चंदौली शस्त्र लाइसेंसधारी जितेंद्र सिंह, निवासी ग्राम चौथी, थाना भभुआ, कैमूर, बिहार ने अपने शस्त्र लाइसेंस पर 125 कारतूस खरीदे और उनका नियम विरुद्ध प्रयोग किया।
चंदौली गन हाउस नौ व्यक्तियों को 1,061 कारतूस बेचे जाना दर्ज पाया गया था। पुलिस द्वारा किए गए सत्यापन में इन व्यक्तियों के नाम-पते सत्यापित नहीं हो सके थे। इस मामले में गन हाउस की अनुज्ञापी पूनम सिंह निवासी बरसता, कपसेठी, वाराणसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी तरह मालती गन हाउस, मुगलसराय में पांच ऐसे व्यक्तियों को 50 कारतूस बेचे जाना दर्ज था, जिनके नाम-पते पुलिस सत्यापन में प्रमाणित नहीं हो सके।
मुकुंद रावत, निवासी चैनपुर, जिला भभुआ, बिहार ने चंदौली गन हाउस से एक वर्ष में अनुमन्य सीमा से अधिक 399 कारतूस खरीदे। इसी प्रकार पुलिस ने 87 लाइसेंस को निरस्त करने की रिपोर्ट डीएम को भेजी थी। खास बात तो यह है कि गन हाउस संचालक 2021 से से बगैर नवीनीकरण कराए ही दुकानों का संचालन कर रहे थे।
