जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली) : कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ दवा व्यापार ने भी रफ्तार पकड ली। तेजी इतनी हुई तो जनपद में लाइसेंसी दुकानों के बराबर गैर लाइसेंसी दुकानें खुल गईं। स्थिति यह कि मौजूदा समय में एक लाइसेंस पर चार-चार दुकानें चल रही हैं। आश्चर्य यह कि नौसिखिए भी इन दुकानों से दवा की बिक्री कर रहे हैं। ऐसे में लोगों की जान पर खतरा बना रहता है। कभी कभार इन पर कार्रवाई का चाबुक चलता है तो जनप्रतिनिधि बीच बचाव करने के लिए आ जाते हैं। एसडीएम विजय नारायण सिंह ने दावा किया है कि अब दुहाई नहीं चलेगी, सीधे कार्रवाई होगी। दस स्क्वायर मीटर में होनी चाहिए दुकान

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए अच्छी खासी जगह भी होनी चाहिए। मेडिकल शाप खोलना है तो कम से कम 10 स्क्वायर मीटर जगह होनी चाहिए जबकि यदि वह फुटकर और थोक दोनों के माध्यम से दवा बेचना चाहते हैं तो जगह कम से कम 15 स्क्वायर मीटर होनी चाहिए। पर अधिकांश दुकानदार इस नियम को भी ताक पर रखकर दुकानों का संचालित कर रहे हैं। 450 आनलाइन व 550 है आफलाइन आवेदन

जिले में लगभग एक हजार मेडिकल स्टोर संचालित हैं। वर्ष 2016 से मेडिकल की दुकानों का आवेदन आनलाइन होने लगा है। अभी तक लगभग लाइसेंस के लिए 450 आनलाइन आवेदन हुए है। पहले के लाइसेंसधारियों को भी अब आनलाइन ही सिस्टम से जुड़ना होगा। हालांकि अभी सभी दवा कारोबारी इस प्रक्रिया से जुड़ने में लगे हुए हैं। वर्जन..

पुलिस प्रशासन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम गठित होगी। जल्द ही जांच अभियान चलाया जाएगा। नियम की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

विजय नारायण सिंह, एसडीएम मुगलसराय

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