जासं, बरहनी (चंदौली) : जेठ की दोपहरी में जहां आमजन लू और कड़कड़ाती धूप से घरों में दुबक जा रहे है। वहीं लोकसभा चुनाव में जोर आजमाइश कर रहे प्रत्याशी और उनके समर्थक दोपहरी को ही सही समय मानकर दरवाजों की कुंडी खटखटा रहे हैं। क्योंकि सुबह और शाम में गर्मी से राहित मिलने पर आमजन अपने काम काज में लग जा रहे हैं।

जेठ की दोपहरी में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। लेकिन सियासी पारा चढ़ा हुआ है। नेताजी के साथ उनके समर्थक दोपहरी में ही लोगों के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं। क्योंकि उन्हें इस बात का भान है कि मतदाता दोपहर में ही उनकी सुनेंगे। क्योंकि दोपहर में उनका समय खाली है। नेता जी माता, पिता जी , कक्क ,काकी बोल कर बड़े ही मीठे स्वर में कुशल क्षेम पुछ रहे हैं। उन्हें धूप और दोपहरी का असर ही नहीं पड़ रहा। बड़े मजे की बात कि जो कभी धूप में नहीं चला है वो आज लोकतंत्र के महापर्व में वोट मांगने भरी दोपहर में चल पड़े हैं। कस्बा, चट्टी, चौराहा, गांवों तक आने जाने वालों की धमाल मची हैं। एक दल गांव से निकल रहा है तो दूसरा ,तीसरा दल प्रवेश कर जा रहा है और अपने प्रत्याशी के लिए वोट करने को आग्रह कर रहे हैं।

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Posted By: Jagran

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