जागरण संवाददाता, चंदौली : निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनी में निवेश की गई धनराशि वापस न होने से नाराज निवेशकों ने शनिवार को मुख्यालय स्थित भाजपा के जिला कार्यालय परिसर में धरना दिया। धनराशि वापस करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। धरना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर निवेशकों को वहां से हटाना चाहा लेकिन निवेशकों ने उनकी एक नहीं सुनी। इस पर पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा। जिला पंचायत सदस्य सूर्यमुनी तिवारी को ज्ञापन सौंपा। चेताया यदि मुद्दा संसद में नहीं उठाया गया तो बेमियादी आंदोलन शुरू करने को विवश होंगे।

निवेशकों ने कहा निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनी की ओर से धनराशि बढ़ाकर वापस करने का वादा किया गया था। इस पर जिले के करीब 1.5 लाख लोगों ने अपनी खून-पसीने की कमाई निवेश कर दी। 21 अगस्त 2014 को भारतीय प्रतिभूति व विनियम बोर्ड (सेबी) ने माइक्रो फाइनेंस कंपनी को प्रतिबंधित कर दिया। इस दौरान सेबी ने गरीब निवेशकों की कोई फिक्र नहीं की। लिहाजा जिले के 1.5 लाख लोगों की गाढ़ी कमाई फंस गई है। निवेशकों को अभी तक फूटी कौड़ी नहीं मिली। इसको लेकर कई बार हस्ताक्षर अभियान के जरिये शासन-प्रशासन तक मुद्दा पहुंचाया गया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सेवानिवृत्त न्यायाधीश आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में गठित समिति ने भी निवेशकों का पैसा वापस लौटाने की संस्तुति की थी। इस पर भी अमल नहीं हुआ। इसके चलते निवेशकों में निराशा बढ़ती जा रही है। अब जनप्रतिनिधियों का ही सहारा है। सांसद, विधायक निवेशकों के मुद्दे को संसद व विधानसभा में उठाएं तो शायद सरकार कोई हल ढूंढने पर विचार करें। दुर्गा प्रसाद तिवारी, शमशेर बहादुर पांडेय, चंद्रबली सिंह, रामाश्रय विश्वकर्मा, सुभाष चौहान, श्यामलाल, देव नारायण चौरसिया, मनोज चौहान, जीतेंद्र सिंह, आत्माराम भारती समेत अन्य मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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