जागरण संवाददाता, चंदौली : सकलडीहा पीजी कालेज के छात्रसंघ चुनाव का मामला सोमवार को डीएम दरबार पहुंच गया। प्राचार्य और चुनाव अधिकारी ने अपनी सफाई दी तो प्रभारी जिलाधिकारी डा. एके श्रीवास्तव नाराज हो गए। बोले परिचय पत्र बांटने का अधिकार किसी और का है तो तीसरा व्यक्ति क्यों बांट रहा था। इसकी जांच कराएं, दोषी कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएं। महाविद्यालय की कार्यशैली पर सवाल उठना उचित नहीं है।

कालेज में छात्र संघ चुनाव दो दिसंबर को निर्धारित था लेकिन रविवार को कालेज प्रशासन ने छात्र गुटों के साथ बैठक में छह घंटे मंथन कर चुनाव स्थगित कर दिया। छात्रों का आरोप कि जो परिचय पत्र कालेज प्रशासन को बांटना था वे कर्मचारी बांट रहे थे, छात्रों ने इसका विरोध किया तो कालेज प्रशासन ने चुनाव स्थगित कर दिया। छात्रों का गुस्सा भड़का तो दो दिसंबर को चुनाव की तिथि घोषित कर दी गई। कालेज में इतनी गड़बड़ी के बाद भी जिला प्रशासन को कोई जानकारी नहीं दी गई। सोमवार को प्रभारी जिलाधिकारी ने प्राचार्य और चुनाव अधिकारी को बुलाकर मामला समझा तो वे नाराज हो गए। कहा परिचय पत्र बांटने वाले कर्मी व गड़बड़ी करने वाले अन्य कर्मियों की जांच कराएं, दोषी मिले तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएं। इतनी गड़बड़ी हो रही और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। हालांकि कालेज प्रशासन ने चुनाव कराने के लिए 22 दिसंबर को नई तिथि मुकर्रर की है और कालेज में शांति व्यवस्था बनाए रखने को बुधवार तक कालेज में अवकाश घोषित किया है।

इस तरह हुए थे नामांकन

23 नवंबर को छात्र संघ के विभिन्न पदों के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए गए। 25 नवंबर को प्रत्याशियों की सूची चस्पा की गई। दो दिसंबर को मतदान और उसी दिन परिणाम की घोषणा होनी थी। लेकिन ऐन वक्त पर चुनाव स्थगित हो गया।

Posted By: Jagran

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