जागरण संवाददाता, चंदौली : राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोक भवन में गुरुवार को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यालय स्थित एनआइसी में कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने कोरोना संक्रमण की वजह से माता-पिता में किसी एक ही मौत के बाद एकल अभिभावक वाले बच्चों को स्वीकृति पत्र प्रदान किया। उनके खाते में सहायता राशि भेजी गई। कक्षा नौ अथवा 18 साल की आयु तक वाले छात्र-छात्राओं को टैबलेट व लैपटाप भी दिया जाएगा।

सरकार कोरोना काल में अभिभावकों को खोने वाले बच्चों की मदद के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना संचालित कर रही है। जिले में 56 एकल अभिभावक वाले बच्चों को चिन्हित किया गया है। इसमें 30 के आवेदनों का सत्यापन हो चुका है। बच्चों को एनआइसी में बुलाया गया था। 15 अभिभावकों के साथ बच्चे आए थे। जिलाधिकारी ने उन्हें स्वीकृति पत्र प्रदान किया। योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिले में माता-पिता में किसी एक की मौत के चलते एकल अभिभावकों के सहारे रह रहे 56 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। जिला प्रोबेशन, पुलिस विभाग व चाइल्ड लाइन ऐसे बच्चों को चिह्नित कर रहा है। बताया कि बच्चों की परवरिश के लिए सरकार चार हजार रुपये प्रति माह अभिभावकों के खाते में भेजेगी। वहीं कक्षा नौ अथवा 18 साल की आयु वाले बच्चों को लैपटाप अथवा टैबलेट दिया जाएगा। ऐसे बच्चों को अटल आवासीय अथवा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा भी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री के बटन दबाने के बाद शासन स्तर से तीन माह की सहायता राशि अभिभावकों के खाते में भेज दी गई है।