जासं, चकिया (चंदौली) : नगर के मां काली मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का शनिवार को समापन हुआ। अंतिम दिन कथा का रसपान कराते हुए अंतर्राष्ट्रीय कथाकार आचार्य मनोज अवस्थी महाराज ने कहा निष्काम व निस्वार्थ भाव से श्रीराम कथा का पाठ व श्रवण करने से ईश्वर के निकट होने की अनुभूति प्राप्त होती है। वर्तमान संदर्भों में श्रीराम कथा अति ग्रहण योग्य है। आज जरूरत है श्रीराम व श्रीकृष्ण के संस्कारों को पुनर्जीवित कर उन्हें आत्मसात करने की। रामकिकर राय, श्यामधर शरण वैद्य, विजयानंद द्विवेदी, प्रदीप श्रीवास्तव आदि ने महत्वपूर्ण योगदान किया।

Posted By: Jagran

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