जासं, इलिया (चंदौली) : गांवों में गंदगी जनता-जनार्दन के लिए मुसीबत बन गई है। कारण, कुछ गांवों में सफाई र्किमयों का पद रिक्त चल रहा है। चहुंचोर कूड़ा-करकट इसके चलते तो फैली ही है, जाम नालियों के ओवरफ्लो होने से नाबदान का पानी सड़क पर बह रहा। फरियाद के बाद भी जिम्मेदार महकमा र्किमयों की नियुक्ति नहीं कर सका। इससे सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। नजीर के तौर पर सरैया गांव को ही लें तो गली में कूड़े-करकट का ढेर लगा है।

गांव की सफाई को बाकायदा कर्मचारी की नियुक्ति है। फिर भी चहुंओर गंदगी के साम्राज्य से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी है। बारिश के बाद गलियों की दशा नारकीय हो गई है। उसरी, मालदह, जिगना गांव की स्थिति और दयनीय है। इन गांवों में सफाई कर्मी नियुक्त ही नहीं है। एक वर्ष पूर्व यहां कर्मी नियुक्त थे। लेकिन, सभी का स्थानांतरण हो गया। गांव की गलियों में कूड़ा करकट की सफाई ग्रामीणों को करनी पड़ती है। ग्रामीण तुलसी, जयप्रकाश, महेंद्र, हीरा, विनोद, रमेश पांडेय, आशुतोष ने कहा कई ऐसे मौजे हैं, जहां आबादी नहीं है। बावजूद वहां सफाई कर्मी की तैनाती है। आरोप कि कई सफाई कर्मी ब्लाक में अधिकारियों के यहां तैनात कर दिए गए हैं। इससे गांवों में सफाई व्यवस्था बेपटरी है। ग्रामीणों ने चेताया कि शीघ्र गांवों की सफाई नहीं कराई गई तो सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।

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वर्जन.

गांवों को साफ रखने को सफाईर्किमयों का रोस्टर लगाया जाता है। ग्रामीणों को स्वच्छताग्राही जागरूक भी करते हैं। जिन गांवों में सफाई कर्मी नहीं है। रिपोर्ट डीपीआरओ कार्यालय को भेजी गई है। शीघ्र सफाई र्किमयों की तैनाती की जाएगी।

अखिलेश तिवारी, एडीओ पंचायत

Posted By: Jagran

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