जासं, चकिया (चंदौली) : राजकीय कृषि बीज भंडार केंद्र किसानों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। रबी की प्रमुख फसल गेहूं का एक किस्म का बीज आने से किसानों का केंद्र से मोहभंग होता जा रहा है। आरोप है कि केंद्र से पिछले वर्ष लिए गए बीज का अनुदान अभी तक नहीं मिल सका है।

धान की फसल पकने को है। ऐसे में किसान रबी की फसल की बोआई में जुट गए हैं। बीज, कीटनाशक व खाद की खरीदारी भी शुरू हैं। लेकिन कृषि महकमे की बदइंतजामी से किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा। राजकीय बीज भंडार केंद्र में गेहूं की एक मात्र बीज एचडी 2967 है। फिलहाल यह बीज 120 क्विटल विभाग ने उपलब्ध कराया है। इसके अलावा भंडार को चना का आरएसजी 974 बीज 22 क्विटल, दंतीवाड़ा मटर एक क्विटल 20 किलो, पीएम 28 राई एक क्विटल, मसूर एक क्विटल 20 किलो की मात्रा में भेजी गई है। गेहूं का एकमात्र बीज उपलब्ध होने से किसान पसंद नहीं कर रहे हैं। गुरुवार को बीज लेने पहुंचे कुदरा, पिपरिया, धनरिया, शिकारगंज, बलिया, पकड़ी आदि गांवों के किसान मायूस होकर लौट गए। किसान महेंद्र पांडेय, जगदीश तिवारी, मुराहू प्रसाद, धनश्याम सिंह आदि ने कहा केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने को गंभीर है। लेकिन कृषि विभाग ने रबी की बोआई की मुकम्मल तैयारी नहीं की है। केंद्र पर कीटनाशक बिल्कुल ही नहीं है। प्रभारी श्यामनारायण चौहान ने बताया गेहूं का 40 क्विटल बीज बिक चुका है। अभी अन्य वैरायटी के बीज आवंटित होने की संभावना नहीं है।

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