चंदौली मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. अमित सिंह विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल
चंदौली के बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डा. अमित सिंह को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की 2026 की ...और पढ़ें

चंदौली मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. अमित सिंह विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल, बढ़ाया जिले का मान।
HighLights
डा. अमित सिंह शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल।
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर के आंकड़ों पर आधारित।
चिकित्सा महाविद्यालय और जनपद के लिए गौरव का क्षण।
जागरण संवाददाता, चंदौली। बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डा. अमित सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय व एल्सेवियर के वैज्ञानिक आंकड़ों पर आधारित वर्ष 2026 की विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में उनका नाम शामिल किया गया है।
इस उपलब्धि से चिकित्सा महाविद्यालय के साथ पूरे जनपद का गौरव बढ़ा है।
डा. सिंह को क्लिनिकल फार्माकोलाजी के तहत ड्रग डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट उपक्षेत्र में स्थान मिला है। इस क्षेत्र में उनकी वैश्विक रैंकिंग 397 है, जबकि समग्र वैश्विक रैंकिंग 3,62,538 दर्ज की गई है। उनका एच-इंडेक्स 32 और एचएम-इंडेक्स 16 है।
यह सूची वैज्ञानिकों के शोध कार्यों, प्रकाशित शोधपत्रों, उनके उद्धरणों और वैज्ञानिक योगदान के प्रभाव के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें विश्वभर के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत शोधकर्ताओं के योगदान का मूल्यांकन किया जाता है। औषधियों की खोज और विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में डा. सिंह की उपलब्धि चिकित्सा अनुसंधान के लिहाज से विशेष महत्व रखती है।
डा. सिंह ने बताया कि यह उपलब्धि महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें शोध कार्यों में उचित मार्गदर्शन एवं नए अवसर प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी।
उप प्राचार्य डा. नैंसी पारुल और मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा. विवेकानंद तिवारी ने कहा कि आकांक्षी जनपद में स्थापित चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य का अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सूची में स्थान प्राप्त करना संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे चिकित्सा शिक्षा, शोध और नवाचार को प्रोत्साहन मिलने के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक जगत में चिकित्सा महाविद्यालय की अलग पहचान बनी है।
