जागरण संवाददाता, चंदौली : किडनी व अन्य गंभीर रोग से ग्रसित मरीजों को इलाज में अब मुश्किल नहीं होगी। जिला अस्पताल में 10 बेड का डायलिसिस सेंटर छह माह में बनकर तैयार हो जाएगा। यहां किडनी मरीजों को भर्ती कर डायलिसिस किया जाएगा। कार्यदाई संस्था पैक फेड 50 लाख की लागत से केंद्र का निर्माण करा रही है। मरीजों के लिए हाल, चिकित्सक व उपकरण के लिए अलग-अलग कक्षों के साथ ही शौचालय बनवाए जा रहे हैं। डायलिसिस केंद्र शुरू होने से काफी सहूलियत होगी। अतिपिछड़े जिले में स्वास्थ्य संसाधनों को विकसित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। यहां किडनी के भी काफी मरीज आते हैं। हालांकि डायलिसिस की सुविधा न होने की वजह से इलाज में बाधा आती है। चिकित्सकों को उन्हें मजबूरी में वाराणसी रेफर करना पड़ता है। समस्या को देखते हुए यहां डायलिसिस सेंटर बनाने की मांग काफी दिनों से की जा रही थी। शासन स्तर से इसके लिए 50 लाख रुपये बजट आवंटित कर दिया गया। जिला अस्पताल परिसर में डायलिसिस सेंटर का निर्माण प्रगति पर है। छह माह में भवन बनकर तैयार होने की उम्मीद है। हाल में मरीजों के लिए 10 बेड लगाए जाएंगे। इसके अलावा चिकित्सकों को बैठने के लिए तीन अलग-अलग और एक उपकरण रखने के लिए कक्ष बनाया जा रहा है। डायलिसिसि सेंटर बनकर तैयार होने के बाद चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। अगले छह-सात माह में डायलिसिस सेंटर शुरू होने की उम्मीद है। इससे काफी राहत मिलेगी। --

अस्पताल में जनपद समेत पहुंचते हैं बिहार के मरीज

जिला अस्पताल में रोजाना लगभग 500 मरीज ओपीडी में आते हैं। इसमें कई किडनी की समस्या से भी ग्रसित होते हैं। सामान्य स्थिति में तो उनका इलाज हो जाता है, हालांकि स्थिति गंभीर होने पर डायलिसिस की सुविधा न होने पर रेफर करना पड़ता है। डायलिसिस सेंटर बनने के बाद किडनी के गंभीर मरीजों का भी स्थानीय स्तर पर ही इलाज संभव होगा। --

अस्पताल परिसर में डायलिसिस सेंटर का निर्माण चल रहा है। छह माह में केंद्र बनकर तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती कर मरीजों का इलाज शुरू कराया जाएगा।

- डाक्टर भूपेंद्र द्विवेदी, सीएमएस

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