जासं, सैयदराजा (चंदौली) : पुलिस की सिफारिश के बाद भी नौबतपुर सीमा पर परिवहन व खनन विभाग की ओर से टीम तैनात नहीं की गई। इसके चलते ओवरलोड ट्रकों के सीमा पार कर जिले में आने का सिलसिला थम नहीं रहा। स्थानीय पुलिस ने थोड़ी सख्ती जरूर दिखाई और दो दिन ट्रकों का आवागमन रोका, लेकिन उसके बाद ट्रकों के पास होने का सिलसिला चल पड़ा।

बिहार से बालू लदे ओवरलोड ट्रकों को नौबतपुर के जरिए जिले की सीमा में प्रवेश कराने का खेल काफी पुराना है। इसके लिए सीमा पर बाकायदा दलालों का रैकेट सक्रिय है। ट्रक चालकों से मोटी रकम लेकर परिवहन और खनन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों से मिलीभगत कर ट्रकों को पास करा देते हैं। ट्रक बालू लेकर सीधे रामनगर पहुंच बिक्री कर देते हैं। सैयदराजा एसओ ने बीते दिनों आला अधिकारियों को पत्र भेजकर सीमा पर खनन व परिवहन विभाग की टीमों को तैनात करने की मांग की थी, लेकिन अभी तक टीमों की तैनाती नहीं हुई। इसके चलते ट्रकें आसानी से पास हो रही हैं।

पुलिस के मुताबिक जिन ट्रकों के पास झारखंड का रवन्ना है, उन्हीं को प्रवेश दिया जा रहा है। शेष को जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं है, जबकि झारखंड के डाल्टनगंज जिले के खनन अधिकारी कुछ अलग ही हकीकत बयां करते हैं। उनका कहना है कि झारखंड में बालू का खनन पूरी तरह से बंद है। यहां से ट्रकों की लोडिग नहीं हो रही है और न ही रवन्ना जारी किया जाता है। दरअसल ट्रक बिहार के डेहरी-ऑन-सोन स्थित सोन नदी से खनन की गई बालू लादकर कर्मनाशा तक पहुंचते हैं। दिन में ट्रक हाईवे पर बिहार सीमा के अंदर खड़े रहते हैं। वहीं देर रात अथवा भोर में ट्रकों को पास करा दिया जाता है। इससे जिला प्रशासन को रोजाना लाखों रुपये राजस्व का चूना लग रहा है, जबकि दलालों की जेब भर रही है। जिन ट्रकों के पास झारखंड सरकार का रवन्ना है, उन्हें छोड़ा जा रहा है। शेष वाहनों को जिले की सीमा के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं है।

-संतोष राय, एसओ सैयदराजा।

Posted By: Jagran

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