जासं, बरहनी (चंदौली) : कर्मनाशा नदी के वेग में मंगलवार को कमी आने से तटवर्ती इलाके के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि अभी संकट टला नहीं है। निचले इलाके के गांवों में पानी भरने से फसलें डूब गई हैं। लोहरा, अरंगी, अदसड़, ककरैत मार्ग पर पानी जमा है। अरंगी में बिद व अनुसूचित बस्ती हैंडपंप गंदा पानी उगल रहें हैं। प्रशासन के अलर्ट करने से लोग पशुओं सहित सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। बिहार राज्य से गुजरने वाली नदियों के पानी से कर्मनाशा पर दबाव बना हुआ है। जिला पंचायत सदस्य कमला कांत, अख्तर, जितेन्द्र, मुकेश शर्मा, सुभाष, सोहराब, ज्ञान चंद बिद, अरूण आदि ने कहा कि लोहरां अरंगी मार्ग डूबने से नाव चल रही है।

फसलों के डूबने से किसानों के समक्ष पशुओं के चारा का संकट खड़ा हो गया है। किसान चाहकर भी पशुओं को चारा नहीं खिला पा रहे हैं। वहीं पानी से घिरे गांवों की दिनचर्या पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। रामधारी सिंह दिनकर सेवा समिति के सचिव मृत्युंजय सिंह ने कई गांवों का हाल जाना। प्रशासन से राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की। निक्कू सिंह, दीपू शुक्ला, अरविद पांडेय आदि थे।

Posted By: Jagran

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