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चंदौली में अब महिलाएं चलाएंगी जनसेवा केंद्र, गांवों में बढ़ेंगे स्वरोजगार के अवसर

Published: Sat, 25 Jul 2026 07:33 PM (IST)

चंदौली में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अब गांवों में जनसेवा केंद्र संचालित करेंगी। यह पहल महिलाओं को डिजिटल ...और पढ़ें

अब महिलाएं चलाएंगी जनसेवा केंद्र।

अब महिलाएं चलाएंगी जनसेवा केंद्र।

HighLights

  1. स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जनसेवा केंद्र चलाएंगी।

  2. महिलाओं को डिजिटल प्रशिक्षण और स्थायी स्वरोजगार मिलेगा।

  3. ग्रामीणों को गांव में ही सरकारी सेवाएं मिलेंगी।

जागरण संवाददाता, चंदौली। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिले में नई पहल शुरू की जा रही। अब महिलाओं को गांवों में जनसेवा केंद्र संचालित करने का अवसर मिलेगा। इससे ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं जहां अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होंगी।

वहीं, महिलाओं के लिए स्थायी स्वरोजगार का नया रास्ता खुलेगा। चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया में विभाग की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा।

जनपद में वर्तमान समय में 13,300 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इन समूहों से 1.33 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मिशन का दायरा और बढ़ाने के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 9,660 नए स्वयं सहायता समूहों के गठन की प्रक्रिया भी चल रही। इसके पूरा होने के बाद लगभग 97 हजार और ग्रामीण महिलाएं मिशन से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। इसके साथ ही 73 प्रतिशत और समूह बढ़ जाएंगे।

डिजिटल दीदी पहल के तहत स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय महिलाओं का चयन किया जाएगा। उन्हें कंप्यूटर संचालन, आनलाइन सेवाओं, दस्तावेजों के आवेदन, भुगतान व्यवस्था और जनसेवा केंद्र संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लाइसेंस संबंधी औपचारिकताएं पूरी कराकर उन्हें अपने गांव अथवा आसपास के क्षेत्र में जनसेवा केंद्र संचालित करने का अवसर दिया जाएगा।

इन केंद्रों के माध्यम से आय, जाति, निवास, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, आधार से जुड़े कार्य, विभिन्न सरकारी योजनाओं के आवेदन, बिजली बिल जमा करने सहित अनेक सरकारी सेवाएं ग्रामीणों को गांव में ही उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए तहसील और ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार भी होगा।

इसके संचालन से महिलाएं प्रतिमाह 15 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर सकेंगी। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुंच भी और बेहतर होगी।

डिजिटल दीदी पहल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें स्थायी स्वरोजगार उपलब्ध कराना है। सक्रिय महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर जनसेवा केंद्र संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। विभाग की ओर से प्रशिक्षण और लाइसेंस संबंधी प्रक्रिया में पूरा सहयोग मिलेगा। -श्वेता सिंह, उपायुक्त, स्वत: रोजगार।

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