जागरण संवाददाता, वनगावां (चंदौली) : शहाबगंज कस्बा स्थित कर्मनाशा नदी के सकरे पुल से पशुओं से भरी गाड़ियां रोजाना पार हो रहीं। ऐसे वाहनों की रफ्तार 100 के पार रहती है। ऐसे में पुल से गुजरने वाले राहगीर यदि इन वाहनों की चपेट में आए तो उनकी जान जाना तय है। मजे की बात यह कि थाना से पुल की दूरी महज 500 मीटर है, बावजूद तस्करों को पुलिस का तनिक भी भय नहीं रहता। तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने से हादसे की आशंका रहती है।

पुल पर बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने के लिए लोनिवि ने दोनों छोर पर गर्डर लगवाया था। माल वाहकों पर प्रतिबंध लग गया था। पशु तस्करों ने गाड़ियों को पार कराने के लिए तीन महीने पूर्व पुल के पश्चिमी छोर पर लगा गर्डर उखाड़ दिया। तब से वाहन आसानी से पुल पार कर जा रहे हैं। कर्मनाशा पुल से पुलिस ने मंगलवार को पशुओं से भरी दो पिकअप वाहन को पकड़ा था, जबकि तस्कर नदी में कूद गए थे। पुल सकरा होने के साथ ही जर्जर हो चुका है। चार पहिया वाहन के पुल पार करते समय जगह ही नहीं बचती। वहीं हाईवे पर सख्ती के चलते तस्करों ने रास्ता बदल दिया है। ग्रामीण मार्गों से वध के लिए पशुओं को बंगाल ले जा रहा है। यूपी-बिहार बार्डर का शहाबगंज, इलिया, चकिया व नौगढ़ इलाका मुफीद साबित हो रहा है। तस्करी के खेल में स्थानीय पुलिस की मिलीभगत रहती है। शहाबगंज थाना क्षेत्र पशु तस्करी का सेफ जोन बन गया है। ग्रामीणों ने कहा वाहन के अलावा तस्कर बड़ी संख्या में पशुओं को पैदल बिहार सीमा पार कराते हैं। इधर बीच पशु तस्करी के मामले बढ़ गए हैं। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करने के बाद ही स्थानीय पुलिस धरपकड़ के लिए सक्रिय होती है। लोगों ने पशु तस्करी पर रोक लगाने की पुलिस अधीक्षक से मांग की है।

वर्जन-

पशु तस्करी पर सख्ती से रोक लगाने के लिए थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है। थानावार निगरानी भी की जा रही है।

- अनिल कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक

Edited By: Jagran