जासं, चकिया (चंदौली) : यह कौन सी व्यवस्था है कि बैंक बंदी के दौरान एटीएम भी बंद रहते हैं। यकीनन नगर की विभिन्न बैंक शाखाओं के खुले एटीएम का शटर, बैंक बंदी के दौरान गिर जाता है। लगातार दो दिनों की बैंक बंदी के दौरान एटीएम भी बंद रहने से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

नगर के भारतीय स्टेट बैंक (कृषि शाखा) का एटीएम तो शोपीस बन कर रह गया है। खराब एटीएम कब तक दुरुस्त किया जाएगा, यह बताने वाला बैंक शाखा में कोई नहीं है। लगन बारात के इस दौर में हर कोई हाल परेशान हो जा रहा है। कहने को तो नगर में यूबीआइ, पंजाब, एसबीआइ, बॉब, आइडीबीआइ समेत आधा दर्जन से अधिक एटीएम हैं। लेकिन बैंक खुलने के दौरान ही एटीएम खुलते हैं और बैंक बंद होते ही शाम 4 बजे एटीएम भी बंद हो जाते हैं। सबसे बड़ी मुसीबत बैंक बंदी के दिनों में होती है। दो दिनों से एटीएम बंद होने से एटीएम कार्ड धारक यहां वहां भटकने को मजबूर हो गए। मित्र की बारात में जाने की तैयारी उस समय काफूर हो गई जब नगर निवासी गोलू कुमार ने एसबीआइ का एटीएम लेकर पूरे नगर का चक्कर काट डाला लेकिन सभी एटीएम बंद मिले। कहा एटीएम बूथों की स्थापना इसी उद्देश्य से की गई थी कि लोग कभी भी अपने खाते में जमा रुपये की निकासी कर सकते हैं, लेकिन बैंक के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह सुविधा सिर्फ नाम की रह गई है। कुछ ऐसी ही बैठा निवासी हकडू प्रसाद ने व्यक्त की। कहा आए दिन पैसा न रहने व तकनीकि खराबी के चलते कस्बाई इलाके के अधिकांश एटीएम बूथ शोपीस ही साबित होते हैं। सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से तहसील मुख्यालय आने वालों को भी निराशा हाथ लगी। पैसा न मिलने पर लोग कई किलोमीटर की यात्रा करने के बाद निराश होकर लौट गए।

Posted By: Jagran

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