जागरण संवाददाता, चंदौली : बैसाख के महीने में सूरज की तपिश से पथिक का हाल जहां बेहाल हो गया है, वहीं लू के थपेड़ों से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। शनिवार की दोपहर पारा 42 डिग्री पहुंचने से आग उगलती गर्मी के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। हर कोई गर्मी से बचने को छांव की तलाश में लगा रहा। शाम पांच बजे के बाद वातावरण में नमी से लोगों ने राहत की सांस ली।

अप्रैल माह के अंतिम पखवारे में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह सूरज की किरणों के धरती पर आते ही लोग धूप से तिलमिला जा रहे हैं। आठ बजे के बाद घर से निकलना मुश्किल हो जा रहा। खेत खलिहान में काम करने वाले मजदूर, किसान चिलचिलाती धूप के कारण घर लौटने को विवश हो जा रहे हैं। दोपहर तक सूरज की तपिश ऐसी कि घर से निकलना मुश्किल हो जा रहा। राह चलने वाले पथिक हों या पशु, पक्षी सभी की स्थिति एक जैसी हो गई है। आवश्यक कार्य होने पर ही लोग घर से बाहर निकल रहे। शनिवार को पारा 42 डिग्री पहुंचने से लोग तिलमिला गए। दोपहर 12 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। हर कोई धूप से बचाव को छांव की तलाश में लगा रहा।

Posted By: Jagran

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