जासं, बरहनी (चंदौली) : भीषण गर्मी व कड़ाके की धूप से निरंतर बहने बाली कर्मनाशा नदी का पानी सूखने लगा है। कुछ जगहों पर तो धारा का प्रवाह रुक सा गया है। पानी इतना कम कि नदी गड्ढे के समान लगने लगी है। इससे जीव-जंतुओं सहित पक्षियों को पानी पीने की समस्या खड़ी हो गई है। नदी के पानी से ¨सचाई की तो बात ही बेमानी है।

नदी मे लगे 10 लिफ्ट कैनाल सूखने की कगार पर हैं। पानी के अभाव में सब्जी, मूंग, चरी, बरसीम आदि की खेती भी सूखने लगी है। इससे किसान परेशान हैं। मैदानी भागों व गांवों के अधिकांश तालाब तो मार्च माह में ही सूखने लगे थे। अप्रैल माह में भी इनके सूखने का क्रम जारी है। ऐसे में निरंतर बहने वाली कर्मनाशा नदी सभी की प्यास बुझाती थी। एक समय था जब मई व जून में भी नदी पानी से लबरेज रहती थी। समय बदला तो नदी की धारा पर भी असर पड़ा। धीरे-धीरे नदी में पानी कम होने लगा। इन दिनों नदी करौती, अदसड़, कुआंगांव, धनाइतपुर, मुड्डा आदि के पास लगभग सूखने की कगार पर पहुंच गई है। लोगों का कहना है, अभी मई जून का महीना बाकी है। तब तक नदी में कितना पानी बचेगा, कहना मुश्किल है।

Posted By: Jagran

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