जेएनएन, बुलंदशहर :

किसानों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले क्रय केंद्र प्रभारियों पर जिला प्रशासन ने नकेल कसना शुरू कर दिया है। जहांगीराबाद स्थित पीसीएफ क्रय केंद्र पर स्टॉक रजिस्टर तथा अन्य जांच के बाद गड़बड़झाले का खुलासा हुआ। क्रय केंद्र से 668 बोरे गायब मिले। एडीएम-एफ के निर्देश पर क्रय केंद्र प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

किसानों की शिकायत पर एडीएम-एफ सहदेव मिश्रा ने जहांगीराबाद स्थित पीसीएफ क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। गेहूं फीडिग के अनुसार केंद्र पर 11 जून को 1475 बोरे दर्शाए गए। 12 जून को 647 बोरों की खरीद हुई। क्रय केंद्र से एक भी बोरे का उठान नहीं हुआ और जांच की गई तो 668 बोरे कम मिले। क्रय केंद्र प्रभारी सुवेंद्र कुमार से गहन पूछताछ की गई लेकिन वह जवाब नहीं दे पाए। इतना ही नहीं एडीएम-एफ सहदेव मिश्रा ने परिसर में रखे बोरों का वजन कराया तो 200 से 500 ग्राम तक वजन अधिक मिला। केंद्र पर क्रय रजिस्टर, टोकल रजिस्टर तथा बोरा इत्यादि अभिलेख भी मौके से गायब और आधे-अधूरे मिले। क्रय रजिस्टर का निरीक्षण किया तो पता चला कि गेहूं की देखरेख नहीं हुई और नमी के चलते स्टाक वापस कर दिया गया। ऐसे में मानकों के विपरीत गेहूं खरीद करने का भी खुलासा हुआ। जिला खाद्य विपणन अधिकारी जेया करीम अहमद ने बताया कि जहांगीराबाद के पीसीएफ केंद्र प्रभारी सुवेंद्र कुमार ने गेहूं खरीद में घोर लापरवाही बरती हैं। जांच के बाद क्रय केंद्र प्रभारी सुवेंद्र कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। किसानों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले क्रय केंद्र प्रभारियों पर जिला प्रशासन ने नकेल कसना शुरू कर दिया है।

Edited By: Jagran