बुलंदशहर, जेएनएन : महविश को प्रेम विवाह करने की सजा मिली और उनकी दुनिया ही उजड़ गई। ऑनर किलिंग की यह घटना विदेशों तक गूंजी। गुरुवार को न्यायालय ने आरोपितों को सजा सुनाई। सजा पाने वाले भी महविश के अपने ही थे। अदालत के फैसले के बाद इंसाफ के लिए लंबी लड़ाई लड़ने वाली पीड़िता को कुछ सुकून पहुंचा। महविश ने कहा कि वह फैसले से खुश हैं।

अघोड़ी गांव निवासी महविश ने परिजनों की मर्जी के खिलाफ जाकर पड़ोसी गांव भाटगढ़ी निवासी अब्दुल हकीम से प्रेम विवाह किया था। साथ ही आमिर खान के चर्चित शो सत्यमेव जयते में शामिल होकर अपने परिजनों द्वारा ऑनर किलिंग की आशंका जताई थी। महविश की जताई आशंका सच निकली और कुछ दिन बाद ही उनके पति अब्दुल हकीम की परिजनों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पति को खो चुकी महविश ने अपने ही परिजनों के खिलाफ इंसाफ के लिए जंग का एलान कर दिया और मजबूती के साथ डटी रही। फोन पर हुई बातचीत के दौरान महविश ने बताया कि आरोपितों को सजा मिलने से वह संतुष्ट हैं।

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जेठ ने किया था आत्मदाह

अब्दुल हकीम की हत्या के बाद पुलिस पर तमाम आरोप लगे। महविश के ससुराल पक्ष का आरोप था कि पुलिस आरोपितों पर कार्रवाई न करके उन्हें ही परेशान कर रही है। इसी प्रकरण को लेकर 12 जून 2013 को महविश ने अपने ससुराल वालों के साथ सामूहिक रूप से आत्मदाह का प्रयास किया था। इसमें महविश के जेठ यूसुफ गंभीर रूप से झुलस गए थे। चार दिन दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान यूसुफ की मौत हो गई थी। यूसुफ की मौत के बाद काफी हंगामा हुआ था और पुलिस को आरोपितों पर कार्रवाई करने लिए मजबूर होना पड़ा।

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ऑनर किलिग और रंजिश में फंसा था मामला

महविश का आरोप था कि प्रेम विवाह करने से नाराज हुए परिजनों उनके पति अब्दुल हकीम की हत्या की है। वहीं, पुलिस और प्रदेश सरकार ने इस हत्या को ऑनर किलिंग मानने से इन्कार करते हुए रंजिशन बताया था। देश के साथ विदेशी मीडिया में भी प्रकरण काफी चर्चा में आया और पुलिस के साथ प्रदेश सरकार की भी खूब किरकिरी हुई थी।

Posted By: Jagran

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