बुलंदशहर, जेएनएन। प्रदेश सरकार द्वारा क्षेत्र के कई गांव में पशु चिकित्सालय स्वीकृत कर भवन का निर्माण तो करा दिया, लेकिन स्टाफ की तैनाती नहीं की गई है। इससे भवन जर्जर होने लगे हैं।

बसपा के शासनकाल में क्षेत्र के कई गांवों में पशु चिकित्सालयों का निर्माण कराया गया था, लेकिन चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सालयों के भवन को पशु बांधने, उपले पाथने का स्थान बना लिया। गांव फतेहपुर में स्वास्थ्य केंद्र का भवन देखरेख के अभाव में जर्जर हो गया है। गांव सिरौरा,बगसरा और फतेहपुर में बने चिकित्सालय के भवन का भी यही हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ये पशु चिकित्सालय शुरू कर दिए जाएं तो पशुओं का उपचार कराने के लिए अनूपशहर नहीं जाना पड़ेगा। क्षेत्रीय विधायक संजय शर्मा का कहना है कि पूर्व सरकार ने जनता को गुमराह करने के लिए अनेक स्थानों पर चिकित्सालय और पशु चिकित्सालय खोल दिए, लेकिन स्टाफ की भर्ती के अभाव में उन्हें शुरू नहीं कराया जा सका। सीएम योगी जी ने सभी विभागों में भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द विकास की गति तेज हो जाएगी और आम जनता को सुविधा मिलने लगेगी।

Posted By: Jagran

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