बुलंदशहर, जेएनएन। गंगा नदी में केवल प्रदूषण नहीं, अतिक्रमण की भी बहुत बड़ी समस्या है। जगह-जगह गंगा नदी के किनारों पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) के निर्देश के बाद अब गंगा प्रदूषण के साथ अतिक्रमण मुक्त भी कराया जाएगा। गंगा नदी को कब्जामुक्त कराने के साथ ही उसकी सीमाबंदी करने के साथ ही सीमा पर पिलर गाड़े जाएंगे।

गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नमामि गंगे अभियान के बाद अब गांगा को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लि फ्लड प्लेन शुरू होगा। सिचाई विभाग ने नक्शे के आधार पर गंगा नदी का फ्लड प्लेन तैयार करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है अब जल्द ही गंगा की सीमा में पिलर गाड़ने का कार्य शुरू होगा। जिले में गंगा का हिस्सा 48 किलोमीटर के आस-पास है। फ्लड प्लेन से गंगा अब अतिक्रमण से भी मुक्त होगी।

हरिद्वार से उन्नाव तक लगेंगे पिलर

गंगा को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए हरिद्वार से उन्नाव तक गंगा के दोनों किनारों पर गंगा की सीमाबंदी की जाएगी। सीमाबंदी के बाद सीमा पर कंकरीट के पिलर गाड़े जाएंगे। जिससे गंगा नदी के कटान के बाद कोई व्यक्ति खेती या भवन नहीं बना पाएं।

200 मीटर पर लगेगा पिलर

गंगा के फ्लड प्लेन जोन में सिचाई विभाग 200 मीटर पर एक पिलर लगाएगा। जिससे सीमाबंदी की निगरानी आसानी से हो सके। जिले में लगभग 240 पिलर लगाने का प्रस्ताव बनाया गया है।

इन्होंने कहा

हरिद्वार से लेकर उन्नाव तक गंगा के दोनो किनारों पर फ्लड प्लेन जोन तैयार किया जाएगा। गंगा की सीमाबंदी के बाद 200 मीटर पर पिलर लगाया जाएगा। जिससे बाढ़ का पानी हटने के बाद कोई गंगा में अतिक्रमण नहीं कर पाएं। जिले में लगभग 48 किलोमीटर में गंगा की सीमाबंदी करने के बाद पिलर गाड़े जाएंगे।

-नवरत्न सिंह, एसडीओ, मध्य गंग नहर बुलंदशहर

Posted By: Jagran

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