जेएनएन, बुलंदशहर । आयुष्मान योग में श्रावण मास की शुरुआत के बाद अब दो अगस्त को सावन का दूसरा सोमवार रहेगा। जिलेभर के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। सड़कों पर ओम नम: शिवाय और बम भोले जैसे जयघोष से वातावरण भक्तिमय रहेगा।

प. शिव शंकर शर्मा के अनुसार हिदू धर्म में श्रावण मास का विशेष महत्व है। पूरे माह भक्त शिव की भक्ति में लीन रहते हैं। कावंड़ यात्रा पर शिवभक्त निकलते हैं। गंगा घाटों से गंगाजल भरकर लाते हैं और देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक करते हैं। हालांकि कोरोना की वजह से कावंड़ यात्रा इस बार प्रतिबंधित हैं, लेकिन शिव भक्तों का रेला जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करने के लिए सावन के दूसरे सोमवार को शिवालयों में पहुंचेगा। शासन-प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए मंदिरों में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार सावन के चारों सोमवार के मंगलकारी संयोग भी बन रहे हैं। दो अगस्त को सावन के दूसरे और 16 अगस्त को सावन के चौथे सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। जबकि नौ अगस्त को सोमवार का तीसरा श्लेषा नक्षत्र में पडे़गा। ऐसे में इस सावन भोलेनाथ की असीम कृपा भक्तों पर पर बरसेगी। 22 अगस्त रविवार को रक्षा बंधन के दिन श्रावण मास समाप्त हो जाएगा और भाद्रपद माह की शुरुआत हो जाएगी।

कोरोना से सुरक्षा के दावे हो रहे फेल

प्रशासन की ओर से सावन के सोमवार पर कोविड-19 के तहत जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक करने के निर्देश गए है, लेकिन शिवालयों में उमड़ी भीड़ के कारण सुरक्षा नियमों का कितना पालन हो रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है। जबकि मंदिरों में पुजारियों और व्यवस्थापकों की ओर से इनका पालन कराने के दावे किए जा रहे हैं।

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