जागरण संवाददाता, बुलंदशहर: 12 लाख की फिरौती न देने पर हुई राजकुमार की हत्या का पुलिस ने राजफाश कर दिया है। पुलिस ने दावा किया है कि नोटबंदी के बाद ही आरोपितों ने राजकुमार के अपहरण की योजना बना ली थी, क्योंकि नोटबंदी के दौरान गांव में चर्चा हो गई थी कि राजकुमार के पिता के पास काफी पैसे हैं।

सोमवार को एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि 12 जनवरी को अरनिया थाना क्षेत्र के नयाबांस गांव निवासी महीपाल ¨सह पुत्र लक्ष्मण ¨सह ने मुकदमा दर्ज कराया था कि 12 लाख की फिरौती के लिए बदमाशों ने उसके बेटे राजकुमार (18) का अपहरण कर लिया है। उन्होंने बताया कि फिरौती के लिए आई कॉल को जब ट्रेस कराया गया तो मोबाइल की आखिरी लोकेशन नयाबांस गांव की निकली, इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से धमकी भरी काल की सीडीआर खंगाली तो गांव के दो युवकों के नाम प्रकाश में आए। एसएसपी ने बताया कि शनिवार रात संदेह के आधार पर पुलिस ने नयाबांस गांव निवासी जयनेश पुत्र चौब ¨सह व आकाश पुत्र धर्मपाल ¨सह को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया था।राजकुमार के अपहरण व हत्या का इकबाल कर लिया।

पुलिस ने दोनों आरोपितों की निशानदेही पर नयाबांस गांव निवासी प्रताप ¨सह के सरसों के खेत से राजकुमार के शव को बरामद कर लिया। एसएसपी ने बताया कि दोनों आरोपितों के पास घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल, आलाकत्ल रस्सी व जिस सिम से फिरौती मांगी गई थी वह सिम कार्ड भी बरामद कर लिया गया है।

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