बुलंदशहर, जेएनएन। मानसून की पहली तेज बरसात ने ऊर्जा के निगम के बिजली आपूर्ति जारी रखने के दावों की पोल खोल दी है। शनिवार की रात के बाद रविवार को भी नगर व दो सौ गांवों में बिजली संकट गहराया रहा। जिससे पेयजल समस्या के साथ बिजली आपूर्ति न होने से लोग बेहाल रहे।

शुक्रवार की देर रात आंधी के साथ आयी बरसात से सिकंदराबाद क्षेत्र के सिरौंधन, इस्माइलपुर, संतपुरा, खुर्जा रोड, मुरादाबाद समेत विभिन्न गांवों में दो दर्जन से अधिक खंबे गिर गए थे, जबकि कई स्थानों पर उपकेंद्रों को जा रही एचटी लाइनों पर पेड की शाखाएं टूटकर गिर गई थी। इससे संतपुरा, मुरादाबाद, खुर्जा रोड, चदेरू बिजली उपकेंद्रों से जुड़े दौ सौ से अधिक गांवों की बिजली ठप हो गई थी। शनिवार को युद्धस्तर पर लाइनों व खंबों को लगावाकर बिजली आपूर्ति सुचारू कराने का ऊर्जा निगम अफसरों ने दावा किया था। लेकिन दावा हवाई साबित हुआ। शनिवार को जहां नगर में दिन भर बिजली की आंख मिचौली का दौर चलता रहा और रात आठ घंटे बिजली ठप रही। वहीं रविवार को भी गांवों में अभी राहत नहीं मिली है। लाइनों में फाल्टों के कारण गांवों में अंधेरा पसरा रहा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से नगर में पेयजल समस्या से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से दोपहर तक चार घंटे बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल रहे।

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खुर्जा रोड बिजली घर के टूटे चार खंबे बदलने के दौरान से तहसील बिजली और खुर्जा रोड उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति बाधित रही थी। सुबह निजामपुर उपकेंद्र की मुख्य लाइन पर पेड की शाखा टूटकर गिरने से आपूर्ति बाधित रही। फिलहाल आपूर्ति सुचारू कर दी गई है। अन्य स्थानों पर लाइनों की मरम्मत का कार्य चल रहा है।

- नितिन वर्मा, एसडीओ सिकंदराबाद उपखंड।

Posted By: Jagran

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