बुलंदशहर, जेएनएन: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ब्लॉक प्रमुख मनीष भाटी को राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने ब्लाक प्रमुख द्वारा डाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सदन की सदस्यता न लेने वाले सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव में भाग लेने पर गैरकानूनी बताते हुए डीएम के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही हाईकोर्ट को याचिका पर सुनवाई करने का निर्देश दिया है। इससे ब्लॉक प्रमुख पक्ष के खेमे में खुशी का माहौल है।

सियासी अखाड़ा बने सिकंदराबाद ब्लाक प्रमुख को लेकर मचे घमासान को लेकर विरोधी गुट ने ब्लॉक प्रमुख मनीष भाटी के खिलाफ 17 अक्टूबर को शपथ देकर विश्वास प्रस्ताव के पत्र डीएम को सौंपे थे। इसको लेकर ब्लॉक प्रमुख ने 142 सदस्यों में 35 से अधिक सदस्यों द्वारा सदन की सदस्यता न लिए जाने व अविश्वास प्रस्ताव लाने और मतदान में भाग लेने पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट की शरण ली थी। लेकिन डीएम के आदेश सात नवंबर को ब्लॉक में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई और 95 शपथ देने वाले बीडीसी सदस्यों में विपक्षी खेमे से मात्र 92 ने बैठक में भाग लिया, जबकि इसके अलावा ब्लॉक प्रमुख व एक सदस्य मौजूद रहा था। ब्लॉक प्रमुख ने हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होना बताते हुए डीएम से अविश्वास प्रस्ताव रोक लगाने की मांग की थी। कोई आदेश प्राप्त न होने पर कोरम के तहत उपस्थित 92 बीडीसी सदस्यों द्वारा पेश किए अविश्वास प्रस्ताव को डीएम ने स्वीकार करते हुए मनीष भाटी को कुर्सी से पद मुक्त कर दिया था। 13 नवंबर को एसडीएम को ब्लॉक का चार्ज सौंपा था। हाईकोर्ट ने याचिका को तत्काल सुनवाई से इंकार किए जाने पर मनीष भाटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली थी। बताया जाता है कि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए ब्लॉक सदन में शपथ न लेने वाले सदस्यों के अविश्वास प्रस्ताव लाने व उसे पास करने को गैरकानूनी माना है। इसको लेकर उन्होंने हाईकोट में याचिका डाल अविश्वास प्रस्ताव रोक लगाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जिलाधिकारी बुलंदशहर के उसके आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें ब्लॉक प्रमुख का चार्ज सिकंदराबाद एसडीएम को 13 नवंबर को सौंपा गया था। साथ ही हाईकोर्ट को शीघ्र याचिका पर सुनवाई का आदेश दिया है। मनीष भाटी ने बताया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की प्रतिलिपि जिलाधिकारी को बुधवार को सौपी है। -----

इस आदेश से जहां ब्लॉक प्रमुख खेमे में खुशी का माहौल है, वहीं विरोधी गुट में मायूसी छायी हुई है। हालांकि विरोधी गुट के पुष्पेंद्र भाटी व रणवीर अधाना, टीटू ने बताया कि मनीष भाटी डाली गई याचिका को लेकर उनका भी मामला हाईकोर्ट में है।

Posted By: Jagran

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