बुलंदशहर : देहात कोतवाली के कुडबुल बनारस गांव में आम के बाग में पेड़ पर लटके मिले रोहित राजौरा के शव प्रकरण में बुधवार को नया मोड़ आ गया। डीएवी कालेज के सैकड़ों विद्यार्थी रोहित की हत्या को आत्महत्या दर्शाने के विरोध में पुलिस आफिस पर प्रदर्शन किया। साथ ही उन्होंने मामले के पटाक्षेप की मांग की। एसएसपी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

डीएवी कालेज से बीकॉम फाइनल का छात्र रोहित पुत्र जगवीर ¨सह का शव कुड़बुल बनारस गांव में एक बाग में पेड़ से लटका मिला था। परिजनों की तहरीर पर देहात कोतवाली पुलिस ने अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रोहित की मौत का कारण हैंगिंग बताया गया है। इस प्रकरण में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में डीएवी कालेज के सैकड़ों छात्र-छात्राएं नारेबाजी करते हुए पुलिस आफिस पहुंचे। छात्रों का आरोप था कि आरोपितों ने हत्या के बाद रोहित का शव को पेड़ से लटका दिया था, ताकि पुलिस आत्महत्या मानकर केस को बंद कर दे। छात्रों के एक प्रतिनिधि मंडल को बुलाकर एसएसपी केबी ¨सह ने उनसे वार्ता की। प्रदर्शनकारियों के साथ आए रोहित के भाई ने एसएसपी को बताया कि सोमवार को रोहित की तलाश के दौरान घर पर रखे रोहित के मोबाइल पर एक युवती की काल आई थी, उसने ही रोहित के आत्महत्या करने की सूचना दी थी। साथ ही बताया कि रोहित को पहले भी एक युवक जान से मारने की धमकी दे चुका है। पूरी बात सुनने के बाद एसएसपी ने कहा कि पीड़ित परिजनों के पास किसी तरह के साक्ष्य हैं तो वे पुलिस को उपलब्ध करा दे, ताकि पुलिस उन ¨बदुओं पर जांच कर सके। एसएसपी के आश्वासन के बाद छात्र-छात्राएं लौट गए।

Posted By: Jagran