जेएनएन,बुलंदशहर : भले ही सीएम ने कोविड-19 प्रोटोकाल के साथ रामलीला मंचन की अनुमति दी हो, लेकिन शहर में इसके आयोजन के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। क्योंकि श्री रामलीला सभा वालिटियरों के अभाव में सुरक्षा मानकों का पालन कराने में असहज नजर आ रही है। ऐसे में इस बार रामलीला मंचन कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बनाए प्रोटोकाल में फंस गया है।

दरअसल, शहर के नुमाइश मैदान में श्री रामलीला सभा की ओर से रामलीला का मंचन होता चला आ रहा है। जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती थी। कोरोना संक्रमण का ग्रहण पिछले साल भी रामलीला मंचन पर पड़ा रहा और इस बार भी। हालांकि संक्रमण से उभरने के बाद हालात सामान्य होने पर रामलीला सभा ने बैठक बुलाई। जिसमें रामलीला मंचन को लेकर सदस्यों ने आपस में मंथन किया। प्रशासन को अनुमति के लिए आवेदन जरूर भेजा, लेकिन कोरोना काल में रामलीला मंचन की सशर्त मिलने वाली अनुमित का पालन कराने में स्वयं को असहज महसूस कर तैयारी शुरू नहीं की। निर्णय लिया कि पिछली साल की तरह इस बार भी लोगों से सहयोग के लिए चंदा एकत्रित नहीं की जाए। बाहर से आने वाले कलाकारों को भी आमंत्रित नहीं किया जाए।

मथुरा, वृंदावन और मुम्बई से मंचन को आते थे रंगकर्मी

शहर की रामलीला में मथुरा, वृंदावन, मुरादाबाद, मुम्बई तक से कलाकार और रंगकर्मी आकर मंचन कर चुके हैं। जिनका अभिनय देखने के लिए श्रद्धालु लालायित रहते थे।

मंचन के लिए चंदे के रूप में एकत्रित होती थी सहयोग राशि

शहर में प्रतिष्ठान एवं उद्योगपतियों से मंचन के लिए चंदे के रूप में सहयोग राशि भी रामलीला सभा की ओर से एकत्रित की जाती थी। इस बार रामलीला सभा की ओर से ऐसी कोई कवायद नहीं की गई है।

दशहरा उत्सव का होगा आयोजन

भले ही रामलीला मंचन पर कोरोना का ग्रहण लगा हो, लेकिन श्री रामलीला सभा की ओर से दशहरा उत्सव का आयोजन कराया जाएगा। जिसमें रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले दहन कराए जाएंगे।

सीएम ने यह जारी किए हैं निर्देश

संक्रमण का कहर कम होने पर इस साल सीएम योगी आदित्य नाथ ने कोविड प्रोटोकाल के तहत रामलीला के मंचन की अनुमति दिए जाने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को रामलीला कमेटियों के पदाधिकारियों से संवाद कर कोरोना प्रोटोकाल का अनुपालन कराने के साथ ही यह भी कहा है कि मैदान की क्षमता के अनुरूप ही दर्शकों को आने की अनुमति दी जाए।

Edited By: Jagran