बुलंदशहर, जेएनएन: नगर के युवा समाजसेवियों ने देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की 135 वीं जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन किया। मंगलवार को नगर के सामुदायिक स्थित शहीद स्तंभ पर राजेंद्र प्रसाद की जयंती के उपलक्ष्य पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी में राजेंद्र प्रसाद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए समाजसेवी ललित शर्मा ने बताया कि देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद का जन्म तीन दिसंबर 1884 को बिहार के सीवान जिले के जीरादेई गांव में हुआ था। कहां कि आजादी के लिए अंग्रेजों से लड़ने से लेकर भारत के पहले राष्ट्रपति बनकर देश संभालने तक राजेंद्र प्रसाद जी का योगदान अतुलनीय रहा था। शर्मा ने बताया कि तमाम अभावों के बावजूद उन्होंने शिक्षा ली। कानून के क्षेत्र में डाक्टर की उपाधि भी हासिल की। उन्होंने वकालत करने के साथ ही भारत की आजादी के लिए भी काफी संघर्ष किया था। जिसके बाद समाजसेवियों ने राजेंद्र प्रसाद जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उनको नमन किया। इस दौरान विनोद दहिया, अनिल बाल्मीकि, संजय कुमार, आलोक सक्सेना, सलीम, डा. वासुदेव शर्मा, डा. राकेश शमर व शाहिद कुरैशी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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