बुलंदशहर, जेएनएन। नगर के प्राचीन नागेशवर शिव मंदिर में चल रही साप्ताहिक भागवत कथा के छटे दिन रविवार को चित्रकूट धाम से पधारे आचार्य कुलदीप शास्त्री ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं और रूकमणि विवाह की लीला का प्रसंग सुनाया। कहा कि रुक्मिणी विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री थीं। भीष्मक मगध के राजा जरासंध का जागीरदार था। रुक्मिणी को श्री कृष्ण से प्रेम हो गया और वह उनसे विवाह करने को तैयार हो गईं। रुक्मिणी का सबसे बड़ा भाई रुक्मी दुष्ट राजा कंस का मित्र था, जिसे कृष्ण ने मार दिया था। इसलिए वह इस विवाह के खिलाफ खड़ा हो गया था। उसने प्रस्तावित किया कि उसकी शादी शिशुपाल से की जाए। शिशुपाल जरासंध का एक जागीरदार और करीबी सहयोगी था इसलिए वह रुक्मी का सहयोगी था। भगवान को जो जिस रूप में अंत: करण से पुकारते है प्रभु उनके दुख हरण करने वहां पहुंच जाते हैं इसलिए भगवान श्री कृष्ण ने रूक्मिणी जी का हरण किया और उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। छात्राएं अवसरों का लाभ लेकर सेना में बना सकती है करियर

गुलावठी: डीएनपीजी कालिज में करियर एडवाइजरी समिति के तत्वावधान में भारतीय सेना में महिलाओं का करियर तथा एसएसबी साक्षात्कार विषय पर एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर योगेश कुमार त्यागी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं को सेना में बराबरी से भागीदारी करने का अवसर प्राप्त हुआ है। महाविद्यालय की छात्राएं इन अवसरों का लाभ उठाकर सेना में करियर बना सकती हैं। मुख्य वक्ता विग कमांडर संध्या त्रिपाठी ने कहा कि अब महिलाओं को सेना में पूर्णकालिक कमीशन दिया जाने लगा है। वे वायु सेना में फ्लाइंग, टेक्निकल तथा नॉन टेक्निकल पदों पर अधिकारी के रूप में नियुक्त हो सकती हैं। बताया कि वायुसेना में एयरमैन से लेकर अधिकारी बनने तक रोजगार के तमाम अवसर उपलब्ध हैं। सेना में व्यक्तित्व का अलग तरीके से निखार होता है और उसमें साहस तथा नेतृत्व जैसे गुण विकसित होते हैं। करियर एडवाइजरी समिति के संयोजक पीयूष त्रिपाठी, विनय कुमार सिंह, पुष्पेंद्र कुमार मिश्र, संदीप कुमार सिंह, विनीता गर्ग, डा.अवधेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

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