जासं, बुलंदशहर : स्याना बवाल में पुलिस भले ही भाजयुमो के पूर्व स्याना नगर अध्यक्ष शिखर अग्रवाल के दादा रमेश लाल ने अपने पोते को निर्दोष बताया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि शिखर बहुत सरल और शांत स्वभाव का है, वह भीड़ को क्यों उकसाएगा। ग्रामीणों के फोन पर वह गोहत्या का मुकदमा दर्ज कराने थाने पहुंचा था। उसके घंटों बाद बवाल हुआ था। बावजूद इसके पुलिस ने शिखर को बिना वजह फर्जी मुकदमे में फंसा दिया। उसका बवाल से कोई लेनादेना नहीं है। हमे अदालत पर पूरा भरोसा है हमे न्याय मिलेगा।

चैनल को इंटरव्यू देकर चर्चा में आया

बवाल के बाद शिखर अग्रवाल ने एक निजी चैनल को अपना इंटरव्यू दिया था। जिसमें उसने पुलिस-प्रशासन को बवाल के लिए जिम्मेदार बताते हुए खुद को निर्दोष बताया था। कचहरी परिसर में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा

गिरफ्तारी के बाद गुरुवार दोपहर बाद एसआइटी और पुलिस ने भाजयुमो स्याना के पूर्व नगर अध्यक्ष शिखर अग्रवाल को अदालत में पेश किया। इस दौरान उनके समर्थकों और वकीलों की अदालत परिसर में भीड़ लगी रही। पुलिस ने शिखर को अदालत में पेश किया और तुरंत मेडिकल कराने के लिए ले गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। भाजयुमो जिलाध्यक्ष दीपक दुलेरा ने बताया कि बवाल से 15 दिन पहले ही शिखर को नगर अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। वह इस समय संगठन में हैं लेकिन पद पर नहीं है। शिखर अग्रवाल बिल्कुल निर्दोष है और पुलिस ने उनको जबरन फंसाया है।

प्रशांत नट की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ी

स्याना बवाल में कोतवाल सुबोध कुमार ¨सह को गोली मारने के आरोपित प्रशांत नट की 14 दिन की न्यायिक हिरासत और बढ़ गई है। बुधवार को ही प्रशांत नट को पुलिस ने पिस्टल और मोबाइल की बरामदगी के लिए 12 घंटे के लिए रिमांड पर रखा था, लेकिन पिस्टल या मोबाइल कुछ बरामद नहीं हुआ था।

Posted By: Jagran

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