बुलंदशहर, जेएनएन: देश में भगवान बने बाबा आम जनमानस को भ्रम के जाल में फंसा रहे हैं। इस मामले में आर्य समाज की विचारधारा से जुड़े लोग भाग्यशाली हैं, जो पाखंड और अंधविश्वास से दूर हैं। भारतीय संस्कृति वेदों पर आधारित है। वेद ही ज्ञान और विज्ञान का भंडार हैं। बच्चों को अंधविश्वास से बचाने के लिए वेदों को ज्ञान कराना चाहिए। यह विचार सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने शनिवार को बुलंदशहर के रामघाट स्थित महर्षि दयानंद गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय के रजत जयंती समरोह में में व्यक्त किए।

रजत जयंती कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पधारे राज्यपाल गंगा प्रसाद ने कहा कि गुरुकुलों में बच्चों को नैतिकता, संस्कार व राष्ट्र भक्ति की शिक्षा दी जाती हैं। यहां अध्ययन करने वाले छात्र संस्कारवान नागरिक बनते हैं। उन्होंने राम, कृष्ण और शिव के नाम पर फैलाए जा रहे भ्रम से भी दूर रहने की सीख अभिभावकों को दी। कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा नारी उत्थान, पर्यावरण सुरक्षा एवं बेटी बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सभी कार्यक्रम आर्य समाज की सोच से काफी प्रभावित हैं। इससे पहले विधायक डा. अनीता लोधी राजपूत ने उनका स्वागत किया। मंच पर स्याना विधायक देवेन्द्र सिंह लोधी, आचार्य धर्मबंधु, चंद्रदेव शास्त्री, रामप्रकाश वर्णी, आर्य नरेश, चन्द्रपाल सिंह, हरनारायण याजिकी, धारण्या दीदी, शिवानी शास्त्री, नरेश शास्त्री, स्वामी महेश्वरानंद, विश्वेशरानंद सरस्वती आदि रहे।

पॉटरी उत्पाद देखकर चकित हुए

राजघाट जाने से पहले राज्यपाल बुलंदशहर स्थित लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में कुछ देर रुके। यहां जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया। राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्वलिखित पुस्तक एवरेस्ट और खुर्जा पॉटरी के प्रचार-प्रसार के लिए खुर्जा पॉटरी के उत्पाद उन्हें भेंट किए। पॉटरी उत्पाद पर हुई नक्काशी देखकर राज्यपाल चकित हुए।

Posted By: Jagran

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