बुलंदशहर, जेएनएन: भगवान आशुतोष की भक्ति का महीना सावन बुधवार से शुरू हो गया है। जलाभिषेक के लिए सुबह से ही शिवभक्त घरों से निकलकर शिवालयों की तरफ बढ़े तो बदइंतजामी के रोड़ों में ठोकरें खानी पड़ी। शहर की अधिकतर सड़कें टूटी पड़ी हैं और कीचड़ व पत्थर से भरी हैं। यही हाल मुख्य कांवड़ मार्ग हापुड़-बुलंदशहर मार्ग का है। यहां कांवड़ियों की राह में कई स्थानों पर हाईवे निर्माण के कारण अड़चने है।

शहर में 15 माह से सीवर लाइन का काम चल रहा है। इसके चलते शहर की 80 फीसद सड़कें और गलियां खुदी पड़ी हैं। शहर की रोडवेज बस अड्डा रोड, डीएवी तिराहा रोड, खुर्जा रोड और मोतीबाग रोड की सड़कों में गड्ढे पड़े हैं। गड्ढों में पत्थर और कंकरीट भरी पड़ी है। सड़क खोदाई के बाद मिट्टी फैली पड़ी है। मंगलवार की रात में हुई बारिश के बाद सड़कों के गड्ढों में पानी भी भर गया। इसके साथ ही सफाईकर्मियों का वेतन भुगतान न होने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था चौपट हुई पड़ी है। भूड़ चौराहा से लेकर शिकारपुर रोड, राधानगर मामन रोड, स्याना अड्डा और अनूपशहर अड्डा से लेकर कचहरी रोड पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। बारिश के बाद कूड़े के ढेरों से बदबू उठ रही है। मंदिरों के आसपास वाले इलाकों में भी साफ-सफाई नहीं हो पाई है। बुधवार को जब सावन के पहले दिन शिवभक्त जलाभिषेक के लिए निकले तो तमाम परेशानियों से जूझना पड़ा।

इन मंदिरों में जाते हैं भक्त

-मामन चौकी रोड स्थित राज राजेश्वर मंदिर, मामन रोड स्थित भूतेश्वर मंदिर, रोडवेज बस अड्डे के पास हनुमान मंदिर, डीएम रोड स्थित नागेश्वर मंदिर, गंगेरुआ स्थित शिव मंदिर, रेलवे रोड स्थित शिव मंदिर और शिकारपुर रोड बाइपास स्थित शिव मंदिर में शहर के शिव भक्तों के साथ ही कांवड़िये भी जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।

50 हजार से अधिक आते हैं कांवड़िये

-जिले में कुछ शिवभक्त हरिद्वार तो कुछ ब्रजघाट से जल लेकर आते हैं। जबकि हजारों शिवभक्त अनूपशहर और 50 हजार से अधिक श्रद्धालु आहार और रामघाट से पवित्र गंगाजल लेकर चलते हैं। इतनी बड़ी संख्या में कांवड़िये गुजरते हैं। बावजूद इसके प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने रास्तों की हालत पर ध्यान नहीं दिया है।

इन्होंने कहा.

शहर में केंद्र सरकार की अमृत योजना से काम चल रहा है। सीवर लाइन डालने वाली कंपनी साथ के साथ सड़क नहीं बना रही है। शहरवासी परेशान हैं। सड़कों की दशा को लेकर कई बार प्रशासन और शासन को पत्र भेज चुके हैं। खोदी गई सड़कें जलनिगम को ही बनानी हैं।

-मनोज गर्ग-चेयरमैन नगरपालिका

अनूपशहर क्षेत्र की सभी सड़कें खराब

स्थानीय प्रशासन ने मेला की तैयारियों के लिए भी योजना नहीं बनाई है। महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं की भीड़ शिवालयों में पहुंचती है। अनूपशहर गंगा तट से 50 हजार से अधिक कांवड़िये जल लेकर गंतव्य की ओर प्रस्थान करते हैं। अनूपशहर को जोड़ने वाले सभी मार्ग की हालत खराब है।

टूटी पटरी से गुजरेंगे कांवड़िये

संस,ऊंचागांव: आहार के अंबकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए जाने वाले शिवभक्त नरसेना नहर की पटरी से होकर गुजरते हैं। गांव नरसेना से भड़काऊ तक नहर की पटरी बुरी तरह से टूटी हुई है। नहर की पटरी में गहरे गड्ढे और रोड़ा पड़े होने के कारण कांवड़ियों के लिए मुसीबत भरी डगर साबित होगी। कांवड़ मेला और रास्तों को लेकर सरकार और अधिकारी पूरी तरह से सतर्क दिखाई दे रहे हैं। लेकिन कांवड़ियों के आने का मुख्य मार्ग नहर की पटरी की बदहाली को देख कर यह सतर्कता केवल बैठक और कागजों में ही दौड़ रही है। पिछले कई माह से टूटी पड़ी नहर की पटरी राहगीरों के लिए सिर दर्द बनी हुई हैं।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप