बुलंदशहर, जेएनएन। प्रदेश सरकार ने लोगों की हर समस्याओं को सुलझाने के लिए संपूर्ण समाधान दिवस की शुरुआत की थी, लेकिन बुलंदशहर जिले की सात तहसील के आंकड़े बताते हैं कि यहां पर समस्याओं का समाधान करने के बजाए समस्याओं को उलझाया जा रहा है। शिकायत लेकर रख लिया जाता है। पीड़ित फिर अगले समाधान दिवस का इंतजार करता है और फिर से शिकायत देता है। केवल यही क्रम चला आ रहा है। अधिकतर शिकायत भू-राजस्व की है, जो लेखपालों से जुड़ी हैं। मंगलवार के समाधान दिवस का आंकड़ा बताता है कि सात तहसील में कुल 188 शिकायत आई, जिनमें से मात्र 20 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। जबकि 168 शिकायतों को पेंडिग में डाल दिया गया।

यह बोले पीड़ित

मैं सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव छांजर का रहने वाला हूं। मेरे मकान पर कुछ लोगों ने कब्जा किया हुआ है। मकान मेरे नाम है। बावजूद इसके कब्जा नहीं हटवाया जा रहा है। मैं संपूर्ण समाधान दिवस में 10 से 12 बार शिकायत दे चुका हूं। मेरी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हर बार आश्वासन दिया जाता है।

मुकेश पुत्र भीमसेन, छांजर मैं संपूर्ण समाधान दिवस में कई बार शिकायत दे चुका हूं, लेकिन मेरी शिकायत का अभी तक निस्तारण नहीं हुआ है। कुछ लोगों ने मेरी पत्नी को लहूलुहान कर दिया था। मैं थाने में भी कई बार जा चुका हूं। समाधान दिवस में भी मेरी कोई नहीं सुन रहा।

राजेंद्र कुमार, गांव धीमही हमारे गांव में कुछ दंबग लोगों ने सार्वजनिक खड़ंजे पर कब्जा किया हुआ है। मैं कई बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दे चुका हूं, लेकिन कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है। गांव के सैकड़ों ग्रामीण भी इस बारे में शिकायत दे चुके हैं। बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।

गजेंद्र सैनी, गांव पदम की पुलिया

Posted By: Jagran

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