किशोरी से गैंग रेप और सहेली की हत्या के मामले में 17 महीने बाद नया मोड़, पीड़िता ने किया आरोपितों को पहचानने से इनकार
बुलंदशहर में प्रतापगढ़ की किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और सहेली की हत्या के मामले में नया मोड़ आया ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
पीड़िता सात मई 2025 की सुबह खुर्जा में आरोपितों के चंगुल से बचकर भागी थी।
अब अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों को सजा दिलाने की तैयारी में पुलिस।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। प्रतापगढ़ की किशोरी के साथ चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म और उसकी सहेली की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। मुख्य पीड़िता पाक्सो कोर्ट में अपने बयान से मुकर गई है।
उसने आरोपितों को पहचानने से इनकार कर दिया है। इससे अभियोजन के सामने सजा दिलाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। यह मामला लगभग 17 माह पुराना है।
प्रतापगढ़ निवासी 17 वर्षीय किशोरी अपनी सहेली के साथ नौकरी की तलाश में गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर क्षेत्र में आई थी। आरोप था कि अमित नाम के युवक ने उसे एवं उसकी सहेली को कार में बुलाया और अपने साथियों के साथ कार में छेड़छाड़ की। विरोध करने पर मारपीट कर मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में चलती कार से उसकी सहेली को धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
इसके बाद आरोपितों ने किशोरी के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता सात मई 2025 की सुबह खुर्जा में आरोपितों के चंगुल से बचकर भागी थी और खुर्जा नगर कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुठभेड़ के बाद अमित, संदीप व उसके एक साथी को गिरफ्तार किया था।
बाद में विवेचना में खुर्जा निवासी चौथे आरोपित रिंकू भी पकड़ा गया था, जो वीडियो काल के जरिए मुख्य आरोपितों के संपर्क में था। पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ साक्ष्य एकत्र कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। मामला सुनवाई के लिए पाक्सो न्यायालय में चल रहा है।
न्यायालय में पीड़िता ने आरोपितों को पहचानने से इनकार कर दिया। इससे पहले वह पुलिस और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दे चुकी थी। पीड़िता के मुकरने के बाद पुलिस अब फारेंसिक रिपोर्ट, मेडिकल, सीडीआर, डिजिटल चैट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों को सजा दिलाने की तैयारी में है।
जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव अमित चौहान का कहना है कि ऐसे मामलों में तकनीकी साक्ष्य अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में आरोपितों को सजा दिलाना बड़ी चुनौती है।
