जेएनएन, बुलंदशहर। जिला अस्पताल में भर्ती आठ माह के बच्चे की उपचार के दौरान मौत होने पर गुरुवार को स्वजन व अन्य लोगों ने डाक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा जमकर हंगामा किया। स्वजन ने डाक्टर पर उपचार शुरू करने की एवज में 20 हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगा डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सीएमओ ने जांच के बाद लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर लोग शांत हुए।

खुर्जा क्षेत्र के गांव माछीपुर निवासी पुनीत ने अपने आठ माह के पुत्र कार्तिक को निमोनिया की शिकायत होने पर बुधवार की शाम उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। कार्तिक की उपचार के दौरान गुरुवार को मौत हो गई। आठ माह के बच्चे की मौत से गुस्साएं स्वजन व अन्य लोगों ने जिला अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। मृतक के स्वजन ने डाक्टर पर बच्चे को भर्ती करने के बाद उपचार शुरू नहीं करने का आरोप लगाया। पुनीत ने डाक्टर पर बच्चे का उपचार शुरू करने की एवज में 20 हजार रुपये की मांग करने का भी आरोप लगाया है। बच्चे में ब्लड की कमी बता कर अस्पताल प्रशासन द्वारा ब्लड की व्यवस्था नहीं कराई गई। समय रहते डाक्टर उपचार शुरू करने के साथ ही ब्लड की व्यवस्था कर ब्लड चढ़ा दिया होता तो बच्चे की मौत नहीं होती है। जिला अस्पताल में घंटों तक हंगामा चलता रहा है। मौके पर पहुंचे सीएमओ का लोगों ने घेराव किया। सीएमओ से उपचार में लापरवाही बरतने वाले डाक्टर और स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए विभागीय कार्रवाई की मांग पर लोग अड़ गए। सीएमओ ने लोगों को मामले की जांच करा कर लापरवाही बरतने वाले डाक्टर व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन तक जाकर लोगों को गुस्सा शांत हुआ। स्वजन बच्चे का शव लेकर अपने गांव चले गए।

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इन्होंने कहा..

बच्चे में ब्लड की कमी होने के साथ ही निमोनिया था। उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई। उपचार में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।

-डा. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल

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बच्चे के उपचार में लापरवाही बरतने के आरोप की जांच कराई जाएगी। जांच दोषी पाएं जाने वाले डाक्टर व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

- डा. विनय कुमार सिंह, सीएमओ

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